रामपुर बुशहर। चौपाल में साल 2021 को हुए एक सड़क हादसे के मामले में आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट चौपाल ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष आरोपी पर लापरवाही से वाहन चलाने, चोट पहुंचाने और शराब के प्रभाव में गाड़ी चलाने के आरोप साबित नहीं कर सका। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इस हादसे की सूचना एक अज्ञात व्यक्ति से मिली थी। पुलिस ने मौके पर सड़क के किनारे लटके वाहन को देखा। घायल महिला को सिविल अस्पताल चौपाल से आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। पीड़ित महिला ने अदालत में कहा कि उन्हें नहीं पता था कि वाहन कौन चला रहा था। उन्होंने बताया कि वह डर के कारण सड़क पर गिर गई थीं और उन्हें चोटें आईं। एक अन्य गवाह ने भी अपनी गवाही में कहा कि उन्होंने दुर्घटना होते हुए नहीं देखा था। वह केवल घायल महिला को अस्पताल ले गए थे। दोनों गवाह अपने पूर्व बयानों से पलट गए। मैकेनिक ने स्वीकार किया कि वाहन का लीफ स्प्रिंग टूटा हुआ था। उन्होंने बताया कि लीफ स्प्रिंग टूटने से वाहन एक तरफ मुड़ जाता है, जिससे चालक की गलती नहीं होती। आरोपी के रक्त नमूने में एथिल अल्कोहल पाया गया था। हालांकि, वाहन मालिक ने कहा कि आरोपी ने चाबियां ली थीं, लेकिन दुर्घटना के समय कौन चला रहा था, यह उन्हें नहीं पता था। अदालत ने कहा कि कोई गवाह यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी अक्षय ही वाहन चला रहे थे।