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महाविद्यालय ननखड़ी को बंद करना छात्रों और क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय: रवि

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एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ननखड़ी कॉलेज बंद करने पर जताया विरोध, जन आंदोलन की दी चेतावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ननखड़ी कॉलेज को बंद करने के निर्णय की कड़ी निंदा की है। 18 पंचायतों का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र ननखड़ी है। वर्षों से महाविद्यालय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान करता आया है। सरकार ने कॉलेज को बंद कर एक कठोर निर्णय लिया है। एबीवीपी ने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द ननखड़ी महाविद्यालय को पुन: संचालित करने का निर्णय ले। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्दी इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो विद्यार्थी परिषद क्षेत्र की जनता और छात्र शक्ति को संगठित कर व्यापक और उग्र जन आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। एबीवीपी जिला संयोजक रवि वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार शिक्षा विरोधी, छात्र विरोधी और युवा विरोधी नीतियों पर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विद्यार्थियों की संख्या कम होने का तर्क देकर महाविद्यालय को बंद कर रही है। ऐसे में महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की समस्या बढ़ गई है। कॉलेज को बंद करने के पीछे वास्तविकता लंबे समय से पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। सरकार ने समय रहते आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाईं, जिसके कारण कई विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के लिए अन्य स्थानों का रुख करना पड़ा। महाविद्यालय क्षेत्र के मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अनेक छात्र और छात्राएं अपने उज्ज्वल भविष्य, बड़े सपनों को साकार करने के लिए महाविद्यालय पर निर्भर है, ऐसे में ननखड़ी के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द मांग को पूरा करने का आह्वान किया।
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