एबीवीपी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो होगा उग्र प्रदर्शन : रवि
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं को पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था, जो सिर्फ दो लोगों को ही मिल पाई हैं। सरकार युवाओं को मित्र भर्तियों के नाम पर धोखा दे रही है। इन्हीं मुद्दों पर एबीवीपी इकाई रामपुर ने शुक्रवार को चौधरी अड्डे में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। एबीवीपी पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश सरकार होश में आओ के नारे से रामपुर क्षेत्र गूंज उठा। जिला संयोजक रवि वर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी अपने चरम पर है, झूठे वादों से जनता निराशा हैं। उन्होंने सरकार से स्थायी रोजगार प्रदान करने की तत्काल मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनावों को फिर से बहाल किया जाए, जिससे विद्यार्थियों की समस्याओं को सही तरीके से उठाया जा सके। सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाया जाए, जिससे अधिक क्षेत्रीय छात्रों को बचाव मिल सके। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर और नौणी विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला परिसर में भवन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार पर्यावरण और वन मंत्रालय में लंबित 30 करोड़ रुपये की राशि तत्काल जमा करवाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूर्ण रूप से लागू किया जाए। महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाए। हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालयों में मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ किया जाए। प्रदेश के 100 स्कूलों को परिवर्तित करने का निर्णय वापस लिया जाए। प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाए जाएं। रवि वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुने और उनके भविष्य के लिए सकारात्मक कार्रवाई करें। कार्यक्रम में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।