छात्र ने मांगों को लेकर सांकेतिक भूख हड़ताल की समाप्त
चेताया, जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
प्रदेश स्तरीय एवं स्थानीय छात्र मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) रामपुर इकाई ने सांकेतिक भूख हड़ताल वीरवार को समाप्त की। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर रोष व्यक्त किया। एबीवीपी रामपुर विभाग के विभाग कार्यालय मंत्री शिवांश शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्षरत है। परिषद की प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनाव बहाल करना, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से की गई फीस वृद्धि वापस लेना, पुराने बस अड्डे से राजकीय महाविद्यालय रामपुर के मुख्य द्वार तक पगडंडी का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हाल ही में की गई फीस वृद्धि मध्यमवर्गीय एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को सभी विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने के बजाय फीस में लगातार वृद्धि करना विद्यार्थी हितों के विपरीत है। शिवांश शर्मा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार हैं, जिन्हें वर्ष 2013 में प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वर्तमान एवं पूर्व मुख्यमंत्री दोनों ही छात्र राजनीति से निकलकर आए हैं लेकिन छात्र संघ चुनावों की बहाली को लेकर विद्यार्थियों को लगातार आश्वासन ही मिलते रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्र संघ चुनावों की बहाली को लेकर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि पुराने बस अड्डे से राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार तक पगडंडी निर्माण की मांग विद्यार्थी परिषद लंबे समय से उठा रही है। इस मार्ग के निर्माण से महाविद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी लेकिन स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इकाई ने चेतावनी दी कि यदि मांगों को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो विद्यार्थी परिषद अपने आंदोलन को और तेज करेगी। आवश्यकता पडऩे पर उग्र प्रदर्शन एवं विधानसभा घेराव जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासन की होगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामपुर इकाई ने स्पष्ट किया कि छात्र हितों से जुड़े इन मुद्दों को लेकर संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक विद्यार्थियों की जायज मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।