आनी में देव संस्कृति संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बैठक में मंथन
एसडीएम ने मंदिर समितियों को दिए निर्देश
पर्यावरण, स्वच्छता और नशा मुक्ति पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। उपमंडल आनी में देव संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, नशा मुक्ति और स्वच्छता जैसे विषयों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम लक्ष्मण कनेट ने की। इसमें क्षेत्र के देवी-देवताओं के कारदारों, मंदिर कमेटियों के प्रधानों और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में एसडीएम ने मंदिर समितियों को अपने-अपने देवी-देवताओं के इतिहास, संस्कृति और मान्यताओं को लिखित रूप में संकलित कर स्मारिका प्रकाशित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसमें केवल सत्यापित दंतकथाओं और प्रमाणित तथ्यों को ही शामिल किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक सही जानकारी पहुंच सके।
इसके अलावा सभी मंदिर समितियों को पंजीकरण करवाने की सलाह दी गई। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवादों के समाधान में आसानी हो सके। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए एसडीएम ने जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया और पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेने को कहा। इस दौरान विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर एसडीएम कार्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
बैठक में नशे की बढ़ती समस्या पर भी चिंता जताई गई। इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। एसडीएम ने कहा कि संभावित आपदाओं के समय मंदिर समितियां सतर्क रहें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने सुझाव दिया कि आपदा के दौरान मंदिरों के सराय भवन जरूरतमंदों के लिए खुले रखे जाएं, ताकि किसी को भी बेघर न रहना पड़े।
बैठक में शमशरी महादेव मंदिर, पनेउई नाग देवता, महिषासुर मर्दिनी पछला दुर्गा देवरी, बैहनी महादेव, खेगसू स्थित कुष्मांडा मंदिर, बयूंगल के शगोगी स्थित कुईकंडा नाग देवता, दुर्गा माता मंदिर कमेटी आनी, कुलक्षेत्र महादेव नाग गडुमी, बूढ़ी नागिन सरेउलसर, बाड़ी दुर्गा माता, पटारना और अर्था देवता सहित विभिन्न मंदिर समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।