रामपुर में एनएच-पांच पर निकाली रोष रैली, एसडीएम कार्यालय का किया घेराव
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चेताया, जल्द समस्याएं नहीं सुलझीं तो एसजेवीएन को सतलुज नदी छोड़कर जाना होगा परियोजना निर्माता कंपनी प्रभावितों के हितों से कर रही खिलवाड़ : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। लूहरी परियोजना प्रभावितों की लंबित मांगों और किसानों की जमीन से हो रही बेदखली के खिलाफ रामपुर में विरोध-प्रदर्शन किया गया। हिमाचल किसान सभा और हिमाचल सेब उत्पादक संघ के बैनर तले एनएच-पांच पर रोष रैली निकाली गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने एसडीएम रामपुर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन में ठियोग विस के पूर्व विधायक एवं किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान-बागवानों के हितों की रक्षा करने में केंद्र और प्रदेश सरकार नाकाम रही है। क्षेत्र की प्रमुख जल विद्युत परियोजना निर्माता कंपनी प्रभावितों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। वहीं, किसानों ने एसजेवीएन को चेताया है कि यदि जल्द समस्याएं नहीं सुलझीं, तो सतलुज नदी को छोड़कर वापस जाना होगा। प्रदर्शन को किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान, रंजीत ठाकुर, काकू कश्यप, कृष्णा राणा और लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राज पाल भंडारी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन कंपनियों के हक में खड़े हो रहे हैं, जिससे किसान और बागवान संकट में हैं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के निर्माण से निकले प्रदूषण के कारण लोगों की फसलें तबाह हो रही हैं। परियोजना निर्माण के दौरान धमाकों से मकानों और खेत-खलियानों में दरार आ रही है, लेकिन सरकार और प्रशासन लोगों का दर्द समझने के बजाय उनकी मांगों को नजरअंदाज रहे हैं। वर्तमान में सेब और दुग्ध उत्पादकों को बचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग उठाई है कि सेब पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क तत्काल प्रभाव से लगाया जाए ताकि देश के सेब उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा हो सके और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। बाजार में स्थिरता लाने के लिए भारत सरकार को प्रो. एमएस स्वामीनाथन की सिफारिशों के अनुसार सेब पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करनी चाहिए और उसे लागू भी करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर शीघ्र समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई है। इस मौके पर रेखा, ममता, चंपा देवी, ऋषि, तुला राम, सुभाष, जोगिंदर, अशोक, वीरेंद्र, गंगा राम, रीता, आशा, अंकुश, निहाल चंद, मिलाप, कैलाश, ब्रिकम, सीता देवी, राहुल, मीना राम, मोहर सिंह और जगत राम सहित कई अन्य मौजूद रहे।
हिमाचल किसान सभा एंव हिमाचल सेब उत्पादक संघ रामपुर में धरना प्रदर्शन करते हुए। संवाद
हिमाचल किसान सभा एंव हिमाचल सेब उत्पादक संघ रामपुर में धरना प्रदर्शन करते हुए। संवाद