वन संरक्षण अधिनियम 1980 में संशोधन की उठाई मांग
लघु और सीमांत किसानों को मिले पांच बीघा भूमि : गीता राम
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। प्रदेश सरकार और वन विभाग की ओर से की जा रही किसानों की बेदखली को लेकर हिमाचल किसान सभा ने रोष जताया है। सभा लघु और सीमांत किसानों को कम से कम पांच बीघा भूमि मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं। आनी में प्रदर्शन की तैयारी को लेकर हिमाचल किसान सभा और हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने एक फरवरी को संयुक्त अधिवेशन बुलाया है। एक फरवरी को आनी में होने वाले अधिवेशन में वन संरक्षण अधिनियम 1980 (एफसीए) में संशोधन की मांग को लेकर संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं। इस अधिवेशन में आनी क्षेत्र के सभी किसान और बागवान भाग लेंगे। कॉमरेड नेता गीता राम ने कहा कि प्रदेश सरकार और वन विभाग कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना ही किसानों की बेदखली करने जा रही है, जिससे प्रभावितों के अंदर डर का माहौल पैदा हो रहा है। परिवार में बंटवारे के चलते प्रदेश में गरीब किसानों के पास इतनी जमीन नहीं है कि वे अपना गुजारा कर सकें। प्रदेश के करीब दस लाख किसान परिवारों के पास 10.7 फीसदी जमीन ही कृषि योग्य भूमि हैं और 87 फीसदी किसान लघु और सीमांत हैं। किसान सभा और सेब उत्पादक संघ ने मांग है कि वन संरक्षण अधिनियम में संशोधन कर गरीब, लघु और सीमांत किसानों को कम से कम पांच बीघा भूमि दी जाए। सरकार के मालिकाना हक वाली जमीन का आवंटन गरीब किसानों को भू-राजस्व अधिनियम 1954 के और 2000 में शामिल की गई धारा 163 ए के तहत किया जाए। सरकार और वन विभाग गरीबों को बेघर करने का काम कर रहे हैं। इस अधिवेशन में ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिंघा, डॉ. ओंकार शाद भाग लेंगे। हिमाचल किसान सभा आनी के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर और सचिव गीता राम, हिमाचल सेब उत्पादक संघ आनी के सचिव हेम राज ने आनी क्षेत्र के तमाम प्रभावितों से अपील की है कि वे इस अधिवेशन में जरूर भाग लें। - संवाद