नोगवैली में जंगली भालू का आतंक
भोजन की तलाश में दिनदहाड़े पहुंच रहे रिहायशी क्षेत्रों में
डर के साए में जी रहे हजारों बाशिंदे, ग्रामीणों में दहशत
बीते माह भी महिला और पुरुष पर किया था जानलेवा हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की नोगवैली में तीन महीने से भालू के आतंक से लोग दहशत में हैं। भालू दिनदहाड़े रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग वन विभाग से भालू की समस्या से निजात दिलाने की मांग उठा रहे हैं। सोमवार सुबह 8:00 बजे डंसा पंचायत में जगूणी गांव से कुछ दूर लायक राम की जर्सी गाय पर भालू ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। लायक राम ने वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद वन रक्षक सरजीत सिंह ने मौके का जायजा लिया। इससे पहले कराली गांव में एक महिला और पुरुष पर भालू ने हमला किया था। भालू के हमले से वे बुरी तरह घायल हुए थे। वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर गांव के आसपास भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा स्थापित किया था, लेकिन आज तक भालू पिंजरे की कैद में नहीं आया। इन दिनों क्षेत्र में सर्दियों में पशुओं को चारा एकत्रित करने के लिए घास कटाई का काम जोरों-शोरों से चला हुआ है। महिलाओं ने खेतों और घासनियों में घास कटाई का काम छेड़ रखा है, लेकिन भालू के कारण दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से आग्रह किया है कि जंगली भालू को पकड़ने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि लोग सुरक्षित रह सकें। वन मंडलाधिकारी रामपुर गुरहर्ष सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए दिन जंगली भालू के आतंक की शिकायतें मिल रही हैं। लोगों को ग्रुप बनाकर रात के समय गश्त लगाकर भालू की नाकेबंदी करनी चाहिए। इसके साथ गांव के आसपास पटाखे फोड़ने से भी जंगली जानवरों को भगाया जा सकता है। पशुपालकों को गोशाला के पास शाम के समय गोबर के उपले जलाने चाहिए। इसके धुएं के फैलने से भी भालू पास नहीं आते। पशुशाला में पक्के दरवाजे लगवाएं। इसके लिए कृषि विभाग के पास लोहे के दरवाजे उपलब्ध हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांव में विभागीय कर्मचारियों को समय-समय पर भेजा जाएगा।