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Rampur Bushahar News: घोषणाओं में विकास के आयाम, किराये के भवनों में चल रहे सरकारी काम

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कुपवी में किराये के निजी भवनों में चल रहे 90 फीसदी सरकारी दफ्तर
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एसडीएम, बीडीओ और ट्रेजरी कार्यालयों के अलावा पुलिस थाना तक किराये के भवन में चल रहा
कुपवी की 15 पंचायतों के प्रतिनिधियों और लोगों ने तहसील मुख्यालय में मिनी सचिवालय खोलने की उठाई मांग
कई बार मंत्री और मुख्यमंत्री कर चुके दौरा, सिरे नहीं चढ़ी मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा

संवाद न्यूज एजेंसी

चौपाल (रोहड़ू) । उपमंडल कुपवी में 90 फीसदी सरकारी विभागों के दफ्तर किराये के निजी भवनों में चल रहे हैं। इसमें एसडीएम, बीडीओ और ट्रेजरी कार्यालयों के अलावा पुलिस थाना समेत दर्जनों विभागों के कार्यालय शामिल हैं। हैरानी की बात तो यह है कि अभी तक विभागों की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आरंभ नहीं हो पाई है। कई बार मंत्री और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कुपवी का दौरा कर चुके हैं, लेकिन कुपवी में मिनी सचिवालय खोलने की मांग अधर में लटकी है। मुख्यमंत्री ने एक वर्ष पूर्व कुपवी दौरे के दौरान मिनी सचिवालय खोलने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा अभी तक सिरे नहीं चढ़ी है। अब उपमंडल कुपवी की पंद्रह पंचायतों के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने सरकार से तहसील मुख्यालय में मिनी सचिवालय खोलने की आवाज बुलंद की है। कुपवी में तहसील कार्यालय मात्र दो कमरों के एक कानूनगो हट में चल रहा है, वहीं कई अन्य सरकारी कार्यालय भी किराये के निजी भवनों में चल रहे हैं। तहसील कार्यालय के कर्मचारियों के अनुसार मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए कुपवी में पर्याप्त सरकारी भूमि भी उपलब्ध है, इसके बावजूद सरकार ने इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया।

साल 1982 में बने कानूनगो हट में चल रही तहसील
साल 1982 में कुपवी में दो कमरों के एक कानूनगो हट का निर्माण किया गया था। उसके इसके बाद वर्ष 1983 में कुपवी को उपतहसील का दर्जा दिया गया। अपना भवन न होने के कारण उपतहसील कार्यालय को दो कमरों के कानूनगो हट में शुरू किया गया। इसके बाद सात साल पूर्व 29 सितंबर, 2014 उप तहसील कुपवी को स्तरोन्नत कर तहसील का दर्जा दिया गया, लेकिन अब तक अपना भवन न बन पाने के कारण सात से तहसील कार्यालय कानूनगो हट के दो कमरों में ही चलाया जा रहा है। कार्यालय में जगह की कमी का आलम यह है कि तहसीलदार को लिपिक अथवा कार्यालय कानूनगो के कमरों में बैठकर प्रशासनिक कार्य निपटाने पड़ते हैं। एसडीएम कार्यालय भी निजी भवन में चल रहा है और कार्यालय में कार्य करवाने आने वाले लोगों को बैठने की जगह तो दूर की बात है, खड़े होने के लिए भी स्थान नहीं है।
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कर्मचारियों के अलावा लोगों को भी दिक्कत
फाॅर्मर एडवाइजरी कमेटी के अध्यक्ष तुसली राम जमालटा, मशौत गांव के नदरू राम, मालत गांव के पवन चौहान, बागी गांव के उजागर समटा व दुलाराम, कफलाह गांव के देवराज, मझोली गांव के बस्ती राम, बावत गांव के ज्ञान सिंह, टिक्कर गांव के सोहन सिंह, धोताली गांव के वीरेंद्र शर्मा, झोखड़ गांव के बीरबल, कुपवी गांव के दुलाराम, बनाह गांव के बलबीर चौहान और भालू गांव के सुखविंद्र ने कहा कि कार्यालय कर्मचारियों के अलावा स्थानीय लोगों को भी आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण की औपचारिकता तक अभी पूरी नहीं हो पाई है, इसके निर्माण का एस्टीमेट बनाना तो दूर की बात है। इसके अलावा तहसील में कई अन्य सरकारी कार्यालय भी किराये के निजी भवनों में चल रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कुपवी में मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाए, तो लोगों को एक छत के नीचे सभी सरकारी कार्य करवाने की सुविधा मिल जाएगी।
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