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थंगाड स्कूल में शिक्षकों का टोटा छात्र पलायन को मजबूर

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नेरवा। राजकीय माध्यमिक पाठशाला थंगाड़ में शिक्षकों के पद खाली होने के कारण बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। स्टाफ की कमी के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूल में करवा रहे हैं। लंबे समय से स्कूल में एक ही अध्यापक सेवाएं दे रहा है।
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क्षेत्र के पुराने स्कूलों में शामिल इस स्कूल में एक मात्र टीजीटी नॉन मेडिकल का अध्यापक तैनात है। स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के अभिभावक लंबे समय से शिक्षकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं। 16 जून को नेरवा में एक समारोह में शिरकत करने पहुंचे शिक्षामंत्री सुरेश भारद्वाज के समक्ष स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी इस समस्या को रखा था। स्कूल में शिक्षकों के पद भरने को लेकर मांग पत्र उन्हें सौंपा गया था। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया परंतु अभी तक एक भी शिक्षक की नई तैनाती नहीं की गई है।
इस संबंध में स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष भाव सिंह ने बताया कि दो वर्ष पूर्व इस स्कूल में करीब तीन दर्जन छात्र थे। शिक्षकों के अभाव में अधिकांश अभिभावकों ने अपने बच्चों को अन्य स्कूलों में भेज दिया है। अब स्कूल में मात्र 16 विद्यार्थी ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। थंगाड़ गांव उत्तराखंड की सीमा पर बसा प्रदेश का अंतिम गांव है। वहीं दूसरा मनेवटी स्कूल थंगाड़ से करीब आठ किलोमीटर दूर है। वहीं इस संबंध में एसएमसी अध्यक्ष भाव सिंह, अभिभावकों में कुंदन सिंह, करम सिंह, पद्म सिंह, नरेंद्र कुमार और देव राम ने शिक्षा मंत्री सुरेश भरद्वाज से मांग की है कि स्कूल में एक भाषा अध्यापक और कला स्नातक की शीघ्र नियुक्ति की जाए जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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