चायल पंचायत के रिछुबनाए में भारी भूस्खलन क्षतिग्रस्त सेब के बगीचे
चायल ,जुआगी की बिजली आपूर्ति भी ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड उपमंडल की चायल पंचायत के रिछुबना गांव में शनिवार रात को जीवालोटी नमक स्थान पर भारी भूस्खलन हुआ। इससे रिछुबना के बागवानों के करीब 800 से अधिक सेब के फलदार पौधे भूस्खलन की चपेट में आए गए हैं, जबकि सैकड़ों बीघा जमीन पूरी तरह से नष्ट हो गई है। बागवान टैहलू राम, खूब राम और बुध राम के अनुसान इसमें दोगरी निवासी खूब राम के लगभग 100 सेब के पौधे नष्ट हुए है। इसके अलावा सेस राम के 100, दुगलू देवी के 80, ठारला निवासी प्रकाश चंद के 25, लोभू राम के 20, साध राम के 50, टैहलू राम के 50, बुध राम के 50, जय सिंह के 200, डोली राम के 50, तारा चंद के 30, रंजना बिष्ट के 70 ,सुख राम के 10 फलदार पौधे नष्ट हुए हैं। इसमें साध राम, टैहलू राम ,बुध राम ,खूब राम के बगीचे में एंटी हेलनेट भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन होने से कई सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं। बागीपुल-जाओं सड़क पर जगह-जगह भूस्खलन होने से पूरी तरह अवरुद्ध पड़ी है। उधर, चायल क्षेत्र में 50 हजार से अधिक सेब पेटियां फसी हुई हैं। जीवालोटी नमक स्थान पर लैंडस्लाइड होने से बिजली के खंभे गिर गए हैं और तारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे चायल, जुआगी के लिए विद्युत आपूर्ति कट चुकी है। उधर, एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने कहा कि बागीपुल-जाओं सड़क के लिए पाइप आ गए हैं। वैकल्पिक तौर पर जाओं से रकानी के लिए स्पैन लगाया जाएगा। इसके लिए जल्द स्पैन बनाकर तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। रिछुबना में भूस्खलन से बागवानों के 800 से अधिक सेब के पौधे और सैकड़ों बीघा जमीन नष्ट होने की सूचना मिली है। मौसम साफ होते ही टीम को नुकसान के आंकलन के लिए भेज दिया जाएगा।