पार्किंग शिक्षा विभाग की और कमाई कर रही नगर परिषद
वर्षों से छात्र स्कूल ऑडिटोरियम में बनी पार्किंग चला रही नगर परिषद रामपुर
शिक्षा मंत्री और निदेशक से शिकायत के बाद भी नहीं सुलझा मामला
पार्किंग की कुल कमाई का 25 प्रतिशत हिस्सा देने का वादा भी अधूरा
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। रामपुर में बीते कई वर्षों से शिक्षा विभाग की संपत्ति से नगर परिषद रामपुर अच्छी खासी कमाई कर रही है। यहां बनी कार पार्किंग से होने वाली आमदन का मामला पूर्व मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और निदेशक से उठाने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। स्कूल प्रबंधन के अनुसार इस कार पार्किंग से होने वाली कमाई सीधे तौर पर शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन को मिलनी चाहिए।
वर्ष 2015 में 412 मेगावाट रामपुर परियोजना ने 5 करोड़ 5 लाख 93 हजार रुपये की लागत से पद्म छात्र स्कूल में सभागार का निर्माण किया था। इस बहुमंजिला भवन में जहां सभागार और कक्षाओं की व्यवस्था की गई है, वहीं इस भवन के धरातल की दो मंजिलों में कार पार्किंग चल रही है, जिसका जिम्मा नगर परिषद रामपुर संभाले हुए है।
नियमों के मुताबिक कार पार्किंग के टेंडर और कमाई स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग को मिलनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत नगर परिषद इस कार पार्किंग को चला रही है और इससे होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत हिस्सा भी स्कूल प्रबंधन को नहीं मिला है। उक्त समस्या के बारे मेें स्कूल प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी शिकायत की थी, उन्होंने भी कार पार्किंग से होने वाली कमाई का 50 प्रतिशत स्कूल को देने के निर्देश नगर परिषद को दिए थे। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कुछ माह पहले स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से भी इस संबंध मेें शिकायत की गई, लेकिन उसके बाद भी मामला ठंडे बस्ते में है।
आलम यह है कि शिक्षकों को अपने वाहन स्कूल मैदान में पार्क करने पड़ रहे हैं। उन्हें भी इस कार पार्किंग में वाहन पार्क करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार यदि कार पार्किंग से मिलने वाली राशि स्कूल को मिलती है तो इससे स्कूल का चहुंमुखी विकास और छात्रहित में कई व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। इस संबंध में पद्म वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर के प्रधानाचार्य बीडी कश्यप ने बताया कि सभागार के धरातल में चल रही कार पार्किंग स्कूल प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में है और इससे होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत भी स्कूल को नहीं मिल रहा है। इस मामले को लेकर शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के निदेशक को भी सूचित किया गया है।