किन्नौर के कई स्थानों पर एनएच-5 बाधित
एनएच को बहाल रखने के लिए मशीनें और मजदूर तैनात
लगातार बारिश के कारण मार्ग बहाली में आ रही हैं दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की ऊंची चोटियों में हो रही लगातार बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिले के स्कूल सोमवार को बंद रहे।
किन्नौर जिले में बीते चार दिनों से बर्फबारी और बारिश का दौर लगातार जारी है। बारिश के चलते नेशनल हाईवे-5 कई स्थानों पर बाधित हो रहा है। सोमवार को एनएच-5 निगुलसरी के 26 सेक्टर, तरांडा के पास, नाथपा, पागलनाला, रूनंगनाला, पूर्वणी झुला, काशंगनाला, श्यासो, मलिंग और ताबो के समीप लगातार बाधित होता रहा। सीमा सड़क संगठन ने सड़क बहाली के लिए पोवारी से लेकर पूह तक करीब एक दर्जन मशीनें और सौ मजदूर तैनात किए हैं। वहीं एनएच प्राधिकरण ने भी आधा दर्जन मशीनें और एक दर्जन से अधिक मजदूर यातायात बहाली के लिए तैनात किए हैं, लेकिन लगातार बारिश होने के कारण रास्तों को बहाल करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता और सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी डीके राघव ने कहा कि बारिश के कारण हो रहे भू स्खलन के कारण एनएच बाधित हो रहा है, जिसे बहाल करने के लिए 100 से अधिक मजदूर और डेढ़ दर्जन मशीनें तैनात की गई हैं। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप के अनुसार एनएच बाधित होने के कारण बसों की आवाजाही दो से तीन घंटों तक प्रभावित हो रही है।
लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशाषी अभियंता वीरेंद्र गुलेरिया और भावानगर के अधिशाषी अभियंता आरएल चौहान के अनुसार चौरा-रूपी, वांगतु-पानवी दो ग्रामीण सड़कों को छोड़कर सभी सड़कों पर बराबर आवाजाही हो रही है। बाधित मार्गों को बहाल करने में समय लग रहा है। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कहा कि बारिश के चलते जिले भर के स्कूलों को बंद रखा गया। मंगलवार से स्थिति सामान्य हो जाएगी। मौसम थमने का अनुमान है। किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन तत्पर है।