अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाए गए जेई सीताराम यादव पुत्र बीरू राम, निवासी समोह, तहसील झंडूता, जिला बिलासपुर को 18 माह की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर पीएस साम्याल की अदालत ने भ्रष्टाचार कानून की धारा 409 13(2) के तहत यह सजा सुनाई है।
आनी खंड की ग्राम पंचायत पलेही के प्रधान जयचंद ने 3 फरवरी 2001 को निदेशक विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज की थी कि बीडीओ ऑफिस आनी में तैनात जेई सीताराम यादव की निगरानी में करवाए गए कार्य में अनियमितताएं बरती गई हैं। इसके बाद विजिलेंस विभाग की कुल्लू शाखा ने मामले की छानबीन की और पाया कि इस काम में 7 लाख 15 हजार 414 रुपये के फंड का दुरुपयोग किया गया है। यह मामला विजिलेंस कुल्लू में दर्ज किया गया था और इस मामले की छानबीन विभाग के कई अधिकारियों ने की थी। मामले की छानबीन पूरी होने के बाद अंडर सेक्शन 409, 420, 467, 468, 471, 120 आईपीसी तथा पीसी एक्ट की धारा 13(2) के तहत चालान कोर्ट में पेश किया गया था। इस मामले में कोर्ट ने भादंसं की धारा 409 के तहत दोषी को एक साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना किया है, जुर्माना अदा न करने की सूरत में तीन माह का अतिरिक्त कारावास, भादंसं की धारा 420 के तहत एक साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दो माह का साधारण कारावास, भादंसं की धारा 467 के तहत 18 माह का कठोर कारावास और 15 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। भादंसं की धारा 468 के तहत 18 माह का कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने की सूरत में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। भादंसं की धारा 471 के तहत 18 माह का कठोर कारावास और 15 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने की सूरत में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा भादंसं की धारा 409 और पीसी एक्ट 13(2) के तहत 18 माह का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो शिमला जोगिंद्र सिंह ने की।