सांगला/रामपुर।
जनजातीय जिला किन्नौर फिर से शीतलहर की चपेट में आ गया है। वीरवार को सुबह से ही जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का क्रम शुरू हो गया था। समूचा जिला फिर ठंड की चपेट में आ गया है। मौसम में हुए बदलाव के बाद जिले किसान बागवानों ने राहत की सांस ली है। रामपुर और आसपास के इलाकों में भी वीरवार को हिमपात और बारिश हुई।
वीरवार को किन्नौर जिले के कल्पा का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पर्यटक स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 5.5 और न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वीरवार को पूरा दिन जिले के लोगों को घर की चार दिवारी के भीतर ही दुबके रहना पड़ा। सरकारी कार्यालयों में कामकाजी लोगों और परीक्षाएं देने वाले स्कूली बच्चों को पूरा दिन हिटरों और कैरो हिटरों के सामने दुबके रहना पड़ा।
वीरवार को रिकांगपिओ, कल्पा, सांगला, छितकुल, निचार, बरी, तरांडा, रूपी, भावावैली, रोधी, पांगी, बारंग, सापनी, कनई, बटूरी, ब्रुआ, शौंग, चांसू, सांगला, रक्षम, मस्तरंग, रिब्बा, रिस्पा, खदरा, आकपा, रारंग, मूरंग, ठंगी, लंबर, कुन्नोचारंग, पूह, आसरंग, लिप्पा, नेसंग, रोपावैली, ज्ञाबुंग, चांगो, हांगो, चुलिंग, शलखर और सुमरा सहित जिले के अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में दिन भर हल्की-हल्की बर्फबारी होती रही। जिले के निचले इलाकों में दिन भर बारिश होती रही।
जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह, काजा और शिमला की ओर निगम की बसों की आवाजाही चलती रही। पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक परेश कश्यप ने कहा कि जिले में बर्फबारी और बारिश के चलते सभी ग्रामीण रूटों पर निगम की बसें चलीं।
बागवान प्रताप सिंह नेगी, सुरेंद्र नेगी, भगवान सिंह नेगी, यतेंद्र सिंह नेगी, जियालाल नेगी, विद्यालाल नेगी, देवीदयाल नेगी, जोगदयाल नेगी, गुरदयाल नेगी, खुशहाल सिंह नेगी और रामदयाल नेगी ने कहा कि इस वर्ष पर्याप्त बर्फबारी न होने से भूमि में नमी की मात्रा घट गई है। वीरवार को हुई बारिश और बर्फबारी के बाद कुछ हद तक राहत मिली है।