रामपुर बुशहर। बीते लंबे समय से आसमान की ओर टकटकी लगाए किसानों, बागवानों में बादल न बरसने से मायूसी छाई हुई है। सूखे की मार झेल रहे बागवानों को फसलों की पैदावार की चिंता सता रही है। बागवानी विभाग ने इस वर्ष सूखे की मार से रामपुर और ननखड़ी क्षेत्र में अभी तक फसलों को करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया है। विभाग ने स्थानीय प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है। यह रिपोर्ट शीघ्र ही उपायुक्त के माध्यम से सरकार के पास जाएगी।
इस बार दिसंबर और जनवरी माह में बर्फबारी और बारिश न के बराबर हुई है। जिस मात्रा में भूमि को नमी की आवश्यकता रहती है, वह अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इससे सेब, नाशपाती, आड़ू, प्लम, बादाम, चेरी के बगीचों में बीमारियां लगने का खतरा बढ़ गया है और इसका फसल के उत्पादन पर भी विपरीत असर पड़ेगा। खासकर सेब की बंपर फसल के लिए दिसंबर और जनवरी माह में बर्फबारी होना काफी आवश्यक रहता है। इन महीनों में पड़ने वाली बर्फ ज्यादा समय तक टिकती है और इससे भूमि में पर्याप्त नमी बनी रहती है। सूखे की मार पेयजल स्रोतों पर भी पड़ी है। यदि जल्द अधिक मात्रा में बारिश नहीं हुई तो गर्मी में पेयजल संकट और बढ़ जाएगा। बर्फबारी और बारिश न होने से अधिकतर पेयजल स्रोतों में 50 से 60 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते रामपुर और ननखड़ी के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पेयजल किल्लत की समस्या से जूझ रहे हैं।
सरकार को भेजी रिपोर्ट : निपुण जिंदल
एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि बागवानी विभाग ने इस वर्ष अभी तक सूखे की मार से 20 लाख रुपये के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर भेजी है। यह रिपोर्ट उपायुक्त शिमला के माध्यम से सरकार को भेजी जा रही है। उद्यान विभाग अधिकारी अश्वनी चौहान ने बताया कि सूखे की मार से सेब और अन्य फसलों को करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। रिपोर्ट तैयार कर उपमंडलाधिकारी को भेज दी गई है।