रोहड़ू। हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर लगाए गए कुड्डू बैरियर पर चार पंचायतों के लोग अपने घर तक पहुंचने के लिए टोल टैक्स चुका रहे हैं। मेहमानबाजी के बाद रिश्तेदारों को भी हिमाचल की सीमा से लौटने के बाद टोल टैक्स चुकाना पड़ रहा है। चार पंचायतों के लोग इस टैक्स की वसूली से खासे परेशान हैं। छोटी गाड़ी को 40 और बड़ी गाड़ी को 60 रुपये चुकाने पड़े रहे हैं।
हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा से करीब तीन किलोमीटर पहले हिमाचल के कुड्डू में टोल टैक्स बैरियर लगाया गया है। बैरियर से आगे कुड्डू पंचायत, झाल्टा पंचायत का चौंरी गांव, सोंलग, पंद्राणू पंचायतों के लोग रहते हैं। लेकिन बैरियर पर हर वाहन से लौटते समय टोल टैक्स की वसूली की जाती है। वर्ष 2007 के चुनाव में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने लोगों से वायदा किया था कि बैरियर को हटा कर तीन किलोमीटर आगे हिमाचल की सीमा पर लगाया जाएगा। वर्ष 2012 के चुनाव में बैरियर को हटाने का मुद्दा चुनाव के दौरान उछाला गया। अधिकारी कई बार मौके पर बैरियर को बदलने के लिए भेजे भी गए। लेकिन अभी तक न तो बैरियर हटा और न ही लोगों से वसूली बंद हुई है। नियम के अनुसार टोल टैैक्स की वसूली केवल हिमाचल में दूसरे राज्य से आने वाले वाहनों से होनी चाहिए। दुख-सुख के दौरान हिमाचल की सीमा के भीतर अपने रिश्तेदारों के पास जाने वाले लोग लौटते समय इस बैरियर पर टैक्स चुका रहे हैं। तहसील ब्लॉक व अन्य सरकारी कार्य से अपने वाहनों में आने वाले हिमाचल के लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने व स्थानीय मंडियों में अपने उत्पाद को लाने के लिए भी बैरियर पर टैक्स देना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र चौहान, प्रेम लाल, मंदन सिंह व राकेश ने कहा कि लोग कई सालों से इस बैरियर को उत्तराखंड की सीमा पर लगाने का आग्रह कर चुके हैं। सरकार की ओर से अभी तक बैरियर को नहीं हटाया जा रहा। उन्होंने कहा कि नेता हर बार लोगों को बैरियर कुड्डू से हटाने का आश्वासन देते रहे हैं। पंचायतों की ओर से भी सरकार को ज्ञापन दिए गए। लेकिन गलत तरीके से टैक्स की वसूली पर कोई पहल नहीं हो रही है।
ठेकेदार से मांगेंगे जवाब : कर्म सिंह
आबकारी कराधान अधिकारी कर्म सिंह ने बताया कि बैरियर से आगे की पंचायतों के लोगों के वाहनों को पास देने का प्रावधान रखा गया है। यदि इस प्रकार टैक्स की वसूली हो रही तो बैरियर के ठेकेदार से इसका जवाब लिया जाएगा।