50 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां पहचानी
सांगला में मनाया दूसरी जिला स्तरीय पक्षी दिवस
जाजुराना पक्षी की वार्षिक रिपोर्ट का किया अवलोकन
सांगला (किन्नौर)। जिला किनौर के जीरा फार्म सांगला में वन्य प्राणी मंडल सराहन के सौजन्य से जिला स्तरीय पक्षी उत्सव मनाया गया। इसका उद्देश्य सांगला वैली के रक्षम-छितकुल वन्य जीव संरक्षण स्थल और इसके आसपास के क्षेत्रों को पक्षी निरीक्षण के लिए संभावित गंतव्य बनाना है।
जीरा फार्म में पक्षी निरीक्षण शिविर में डॉ. सुशील कापटा सीसीएफ वन्य जीव शिमला और संयुक्त सचिव वन सतपाल धीमान ने बर्ड रिंगिंग की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके तहत पक्षियों को रिंग लगाई जाती है, जिससे पक्षी की माइग्रेशन के दौरान पहचान हो सके। इस दौरान अन्य वैज्ञानियों ने पक्षी निरीक्षण के दौरान 50 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियों की पहचान की। प्रथम हिमाचल पक्षी उत्सव पिछले वर्ष सराहन में मनाया गया था।
पक्षी उत्सव में वन विभाग के 30 अधिकारियों का दल सांगला से छितकुल तक भ्रमण के लिए निकला, जिसमें मुख्य रूप से वाईट चिकड नचहैट, आईबीसबिल, हिमालयन वलचर, यूरेशियन स्पेरो हांक, यूरोपियन गोल्ड फील्ड, रेड हेडिड बूल फिंच पक्षियों की पहचान की गई। इस दौरान जाजुराना पक्षी की वार्षिक रिपोर्ट का अवलोकन भी किया गया। इस मौके पर जैव विभाग के सौरभ सावंत, अश्विन विश्वनाथन, डॉ. नरसीमा, एसीएफ वाइलड लाइफ प्रवीण शर्मा, डॉ. संदीप रत्न, बहादुर सिंह और परमानंद द्रैक सहित अन्य मौजूद रहे।