अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
नगर परिषद रामपुर का वर्ष 2018-19 का बजट 21.97 करोड़ रुपये का होगा। बजट का अधिकांश हिस्सा यानी 41 फीसदी राशि पेयजल और सीवरेज व्यवस्था पर व्यय की जाएगी। परिषद के एस्टेबलिशमेंट पर 10 फीसदी बजट खर्च किया जाएगा, जबकि कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए 62 लाख रुपये की राशि रखी गई है।
नगर परिषद रामपुर क्षेत्र में गोसदन के लिए 30 लाख रुपये खर्च करेगी, जो कि कुल बजट का 1.50 फीसदी राशि होगी। मेले और त्यौहारों के आयोजन के लिए 90 लाख रुपये की राशि रखी, जो कि कुल बजट का पांच फीसदी है। नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक सूद की अध्यक्षता में शुक्रवार को वार्षिक बजट के लिए दोपहर बाद बैठक बुलाई गई। बैठक में सबसे पहले भाजपा के नामित तीन सुधांशु कपूर, कमल स्वरूप और अनु कुमार गोस्वामी पार्षदों का पहली बार सदन में आने पर स्वागत किया गया। दीपक सूद ने बताया कि इस बार नप का कुल बजट 21,97,53,236 रुपये का रहेगा। इसमें से कुल 18,30,95000 रुपये खर्च होने हैं। रामपुर क्षेत्र के विकास पर कुल बजट की 21 फीसदी राशि यानी 38000000 रुपये व्यय की जाएगी। मरम्मत और देखरेख कार्यों पर 50 लाख रुपये व्यय होने हैं। पेयजल और सीवरेज पर 75000000 रुपये, स्टोर और एडवांस के लिए 9500000 रुपये, बिजली पर 3500000 व्यय की जाएगी। सेनीटेशन और डोर टू डोर कूड़ा एकत्र योजना पर 6000000 रुपये व्यय होंगे। गो सदन की व्यवस्था के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कमेटी बनाई गई है। इसमें एनजेपीसी के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के अफसरों को भी सदस्यों के रूप में रखा गया है। इस कमेटी की देखरेख में गो सदन का संचालन किया जाएगा। गो सदन के निर्माण में पुरानी चादरों का उपयोग किया गया था। इसके फर्श की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आई थी। इससे ठेकेदार के भुगतान को रोक दिया गया था। इस दौरान पार्षद पंकज बराड़, नीलम गुप्ता, चूड़ामणि शर्मा, नरेश कुमार, विशेषर लाल, उषा चौहान, रीता बादल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
शेष तीन वार्डों में भी शुरू होगी कूड़ा एकत्र योजना
कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि रामपुर नप के छह वार्डों में घर-घर कूड़ा एकत्र करने की योजना शुरू हो चुकी है, जबकि शेष तीन वार्डों में भी यह योजना टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर शुरू कर दी जाएगी। नप क्षेत्र से एकत्र होने वाले कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाने के लिए बधाल के पास जमीन का चयन किया गया है। संयंत्र लगाने के लिए एनजेपीसी के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। जैसे ही इस मामले में अंतिम फैसला होगा तो कूड़ा संयंत्र स्थापित कर दिया जाएगा। वार्ड नंबर नौ में सराय बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। नगर परिषद क्षेत्र में कुल एक हजार एलईडी लाइटें लगाने का लक्ष्य है।