साल 2021 में निगुलसरी में खड़ी कार पर गिरी थीं चट्टानें
रामपुर की अदालत ने बीमा कंपनी को मुआवजा देने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर बुशहर स्थित मोटर दुर्घटना का दावा ट्रिब्यूनल किन्नौर ने कार दुर्घटना में जान गंवानी वाली महिला के परिजनों को 4.37 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा कार का बीमा करने वाली कंपनी को देना होगा। कार पर निगुलसरी में पहाड़ से चट्टान गिरी थी। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी।
11 अगस्त, 2021 को ज्ञान दासी निवासी निचार जिला किन्नौर टैक्सी में यात्रा कर रही थी। वह अपनी पोती वंशिका के साथ चौरा से सपनी जा रही थीं। दलील दी गई है कि दुर्घटना टैक्सी के चालक की लापरवाही के कारण हुई। चालक ने निगुलसरी में पहाड़ से गिरते पत्थर देखने के लिए गाड़ी को इतने खतरनाक तरीके से पार्क किया कि यात्रियों की जान को खतरा हो गया। पहाड़ से चट्टान गिरी और यात्रियों के साथ गाड़ी गहरी खाई में गिर गई। गाड़ी मलबे के नीचे दब गई। इस दुर्घटना में चालक, ज्ञान दासी और उनकी पोती की मृत्यु हो गई।
चालक के चार परिजनों और कार की बीमा करने वाली कंपनी को प्रतिवादी बनाया गया। प्रतिवादियों ने जवाब में बताया कि संबंधित दुर्घटना एक्ट ऑफ गॉड के कारण हुई है। इसलिए, यह याचिका स्वीकार्य नहीं है। ट्रिब्यूनल ने फैसला दिया है कि बीमा कंपनी या प्रतिवादियों की ओर से ऐसा कोई सबूत नहीं है, जो यह साबित करे कि दुर्घटना भगवान की मर्जी से हुई है। रिकॉर्ड पर साबित होता है कि मृतक ज्ञान दासी की मृत्यु एक दुर्घटना में हुई थी, जो मृतक ड्राइवर की लापरवाही और जल्दबाजी के कारण हुई थी। इसलिए याचिकाकर्ता उसकी मृत्यु के कारण मुआवजे का दावा करने के हकदार हैं। याचिकाकर्ताओं को याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान होने तक 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ 4,37,000 का मुआवजा दिया जाता है। मुआवजे का भुगतान रॉयल बीमा कंपनी करेगी।