सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले के कामरू स्थित राजवंश के देवता 87 वर्ष बाद भीमाकाली माता से मिलने सराहन को रवाना हुए। शनिवार को सुबह 11 बजे कामरू से देवता बद्रीनाथ, कल्याण सिंह राजस और देवता छत्रसिंह रवाना हुए। रविवार को भीमाकाली माता मंदिर में तीनों देवताओं की मौजूदगी में महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
राजवंश के आराध्य देवताओं को निमंत्रण देने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र एवं शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह और भीमाकाली मंदिर न्यास के सदस्य कामरू पहुंचे। शुक्रवार को सभी देवताओं की अनुमति मिलने के बाद सराहन जाने पर सहमति बनी। शनिवार को विधायक विक्रमादित्य सिंह और मंदिर न्यास की पांच सदसीय कमेटी सहित कामरू गांव के करीब 350 लोग सराहन के लिए रवाना हुए। शनिवार शाम को देवताओं सहित ग्रामीणों का दल सराहन भीमाकाली मंदिर पहुंचा। यहां भीमाकाली मंदिर न्यास के पदाधिकारियों और सदस्यों ने तीनों देवताओं का फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। गौर हो कि 87 वर्ष पूर्व ये देवता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के मुंडन संस्कार में शामिल होने सराहन पहुंचे थे।
बद्रीनाथ देव मंदिर कामरू के मोहतमीन पितांबर सिंह नेगी, भीषम सिंह ठाकुर, कायथ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि 87 वर्ष बाद आराध्य देवता सराहन के लिए रवाना हुए हैं। सराहन स्थित माता भीमाकाली के पुराने मंदिर में रविवार को देव परंपरा के साथ यज्ञ का आयोजन होगा। शनिवार को छितकुल और कामरू के वाद्ययंत्रों के साथ तीनों देवता सराहन की ओर निकले।
देवताओं के साथ शामिल दल में माथस सुंदर लाल नेगी, तीर्थराम नेगी, पुजारी निर्भय सिंह नेगी, माली गंभीर चंद नेगी, रामरतन नेगी, संजीव कुमार, चौखा रामबाग सिंह दुध्यान, हरि सिंह, सिंगेस सुरेश, सिताप सिंह, कामदार राज विजय नेगी, रजनीश नेगी, मोहतमीन रविंद्र चांकुम, प्रधान विक्रम सिंह नेगी, उपप्रधान मुकेश नेगी, छितकुल माता देवी के माथस कृपाल सिंह नेगी, माली प्यार सिंह, तुलसी राम सिंह, पुजारी सरीनंद नेगी और भंडारी जगदीश नेगी सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।