कंपनी पर प्रशासन, विभाग मेहरबान
टावर निर्माण के लिए अवैध कटान मामले में कोई कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर जिले के भावावैली में टावर निर्माण कार्य करने वाली रमेश हाइड्रो शालती मुसरंग और पनचौर हाइड्रो वांगर होमते पन विद्युत परियोजना प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन और वन विभाग कंपनी पर मेहरबान हो रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही परियोजना को रोकने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। इसके लिए कंपनी ने हरे भरे करीब 20 पेड़ों को भी कोट डाला है।
वन संपदा एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष देव सिंह नेगी, उपाध्यक्ष नेनचंद, वीरेंद्र सिंह, सचिव प्रवीण कुमार, दलीप कुमार नेगी, हंसराज नेगी, जोगदयाल नेगी, यशपाल नेगी, गुरदीप सिंह नेगी, भाग सिंह नेगी, राजकुमार नेगी, मिडल सिंह नेगी ने कहा कि वन विभाग कंपनी प्रबंधन को बचाने के लिए स्थानीय ठेकेदारों के नाम पर डीडीआर कटवाकर अपना पल्ला झाड़ रही है। हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर उच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मौके पर 6 खनोर, पोपलर, छारमा के बड़े-बड़े पेड़ों को काटकर उन्हें जड़ से ही गायब कर दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उधर, इस बारे में वन विभाग किन्नौर के एसीएफ अनिल सोनी ने कहा कि अब तक की पड़ताल में फिलहाल विभाग ने कुछ स्थानीय लोगों के ही डीडीआर काटे हैं। अभी विभागीय जांच चल रही है। यदि वास्तव में कंपनी प्रबंधन ने अवैध तरीके से कटान किया होता तो कंपनी प्रबंधन को बक्शा नहीं जाएगा।