अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के आठ मेगावाट रोरा 2 हाइड्रो प्रोजेक्ट चौलिंग में वीरवार को कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। आठ माह पूर्व निकाले गए उरनी और मीरू के मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया। पंचायत के पूर्व प्रधान सुनील नेगी की अध्यक्षता में एक रैली का आयोजन भी किया गया। मजदूरों ने चौलिंग स्थित रोरा हाइड्रो प्रोजेक्ट-2 के शर शाफ्ट से लेकर पावर हाउस तक रैली निकालकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि कंपनी स्थानीय युवकों को कार्य खत्म होने की बात कहकर उन्हें नौकरी से निकाल रही है। कंपनी बाहरी राज्यों से मजदूर लाकर अपने कार्य चला रही है, जो सरासर गलत है। कंपनी प्रबंधन नियमों को ताक पर रख कर स्थानीय लोगों के साथ मजाक कर रही है। जब तक कंपनी प्रबंधन स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं देगी, तब तक मजदूरों ने उग्र आंदोलन करने की धमकी दे दी है।
उरनी पंचायत के पूर्व प्रधान सुनील नेगी, उपप्रधान सनम नेगी, अन्य मजदूर ठाकुर भगत नेगी, राजेश नेगी, विजय कुमार नेगी, अजेंद्र नेगी, तिलक राज नेगी, संदीप नेगी, हिम्मत नेगी, दीप कुमार नेगी, लक्ष्मण नेगी, तिलक राज नेगी, संजीव नेगी, शिवराज नेगी, अशोक नेगी, राहुल मेहता, नरेेंद्र नेगी, जगजीत नेगी, दिलेराम नेगी, जयराज नेगी, केहर सिंह नेगी, सौरभ नेगी, अमृतराज नेगी, परविंद्रा नेगी, महेंद्र नेगी, रधुवीर नेगी सहित अन्य ने कहा कि जब तक कंपनी प्रबंधन 35 लोगों को वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इन मजदूरों के साथ उरनी और मीरू के पंचायत प्रतिनिधि और विकास कमेटियां भी मोर्चा खोलेंगी। पूर्व प्रधान उरनी सुनील नेगी की अध्यक्षता में पहुंची टीम ने एसडीएम भावानगर के कार्यालय पहुंचकर सुपरिंटेंडेंट के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। कंपनी के डीजीएम मनोज कुमार ने कहा कि यह सारे मजदूर कंपनी प्रबंधन के डायरेक्ट मजदूर नहीं थे, बल्कि वांगगर प्राइवेट कंपनी लिमिटेड के मजदूर थे। इसके बारे में हम कुछ नहीं कह सकते।