छह दिवसीय यात्रा में कई तीर्थ स्थलों का करेंगे दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग क्षेत्र से बाबा बालक नाथ के दर्शन के लिए 14वीं पैदल यात्रा रविवार को रवाना हुई। इस वर्ष क्षेत्र के 40 से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर निकले हैं। इस पावन परंपरा की शुरुआत 14 वर्ष पूर्व ठियोग निवासी विनीत सूद ने कुछ साथियों के साथ की थी। तबसे यह यात्रा हर वर्ष जनवरी में नियमित रूप से आयोजित की जा रही है। पैदल यात्री पांचवें दिन बाबा बालक नाथ मंदिर पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान अलग-अलग पड़ावों पर ठहरने, भोजन और चाय-पानी की व्यवस्था की जाती है। यात्री पहले दिन गंधल, दूसरे दिन दाडला मोड़, तीसरे दिन ऋषि मार्कंडेय, चौथे दिन बरठीं और पांचवें दिन शाहतलाई पहुंचेंगे। छठे दिन बाबा बालक नाथ मंदिर के दर्शन करेंगे। इस दौरान ठियोग से कई अन्य श्रद्धालु भी पैदल यात्रियों के साथ शामिल होंगे। यात्रा के शुरुआती वर्षों में श्रद्धालु नंगे पांव ही बाबा के दर्शन के लिए निकलते थे। एक वर्ष अत्यधिक बर्फबारी के बावजूद विनीत सूद और क्षेत्र के समाजसेवी विकास शर्मा ने बर्फ से ढके रास्तों पर नंगे पांव ही यात्रा शुरू की। ठियोग से शिमला पहुंचते-पहुंचते उनके पांवों में गहरे चीरे पड़ गए, लेकिन इसके बावजूद उनका मनोबल नहीं टूटा। विनीत सूद बताते हैं कि उस यात्रा के बाद उनके पांवों को ठीक होने में कई महीने लग गए, लेकिन बाबा के प्रति श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने यह भी बताया कि वे हर वर्ष श्रीखंड महादेव की कठिन यात्रा करते हैं और आदि कैलाश सहित अन्य तीर्थयात्राएं भी कर चुके हैं। इस पैदल यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को भक्ति मार्ग पर चलने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना भी है।