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Rampur Bushahar News: नाथपा से पोवारी तक 39 किलोमीटर एनएच पांच पर गड्ढों की भरमार

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किन्नौर जिले में नाथपा से पोवारी तक खस्ताहाल बना नेशनल हाईवे पांच। संवाद
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किन्नौर जिले में जगह-जगह बना भूस्खलन का खतरा, पर्यटक और हजारों लोग जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने को मजबूर
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निगुलसरी, नाथपा, कक्षस्थल, टापरी और लाल ढांक सहित अन्य स्थानों पर जोखिमों भरा बना सफर

संवाद न्यूज एजेंसी

सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बरसात के दिनों में जगह-जगह भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऊपरी पहाड़ियों के दरकने से देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटक और जिले के हजारों लोग जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। वहीं, नाथपा से पोवारी तक 39 किलोमीटर मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। गौर हो कि बीते कई वर्षों से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच पर संवदेनशील क्षेत्र निगुलसरी सेक्टर-26, नाथपा के पास करीब 200 मीटर क्षेत्र में भूस्खलन होता रहता है। वहीं, पागलनाला, कक्षस्थल, लाल ढांक, पोवारी सहित अन्य स्थानों पर सफर जोखिमों भरा बना हुआ है। बारिश के दौर में तो भूस्खलन का सिलसिला चलता रहता है। इस कारण जिले के हजारों लोगों को डर के साये में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिला किन्नौर की हसीन वादियों को निहारने पहुंचने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को आवाजाही करने में परेशानियां पेश आ रही हैं, वहीं जिले के हजारों लोगों के लिए भी मार्ग पर सफर जानलेवा बना हुआ है। नाथपा से पोवारी तक गड्ढों की भरमार होने के कारण किसान-बागवानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को चुनाव के दौरान ही किन्नौर की याद आती है। उसके बाद जनजातीय क्षेत्र किन्नौर को भूल जाते हैं। मंत्री जिले की सड़कों को सुधारने में नाकाम हैं।
भूस्खलन की रोकथाम का स्थाई समाधान निकाला जाए

भाजपा जिला अध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पीडी नेगी, जिला महामंत्री संजय नेगी, चंद्रपाल नेगी, जिला सचिव देवा चारस नेगी, कल्पा मंडल अध्यक्ष बीरबल लोक्ट्स, पूह मंडल अध्यक्ष सुभाष छोरगेया और निचार मंडल अध्यक्ष मदन नेगी ने कहा कि जिले में जल्द ही सेब सीजन भी शुरू होने वाला है। सेब सीजन से पहले गड्ढों को पैच वर्क से भरा जाए। वहीं संवेदनशील स्थानों पर हो रहे भूस्खलन की रोकथाम का स्थाई समाधान निकाला जाए।
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एनएच सुचारु रूप से चलाने के लिए मशीनें तैनात

जिन-जिन स्थानों पर भूस्खलन जैसी स्थिति बनी हुई है, इसकी जांच के लिए आईआईटी मंडी को आग्रह किया गया है। जांच-पड़ताल के बाद सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। एनएच सुचारु रूप से चलाने के लिए मशीनें तैनात की गई हैं। नाथपा से पोवारी तक एनएच को सुधारने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू किया जाएगा। केएल सुमन, एक्सईएन एनएच-पांच
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