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उपतहसील का दर्जा तो मिला, लेकिन सुविधाएं नहीं

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उपतहसील का दर्जा तो मिला, लेकिन सुविधाएं नहीं
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नित्थर में वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग
क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, पार्किंग और सफाई व्यवस्था बदहाल
सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों से हर रोज लगता है ट्रैफिक जाम
आशीष शर्मा
दलाश (कुल्लू)। आनी विधान सभा क्षेत्र के नित्थर क्षेत्र को उपतहसील का दर्जा मिले वर्षों बीत गए हैं, लेकिन आज भी यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। क्षेत्र में रहने वाली हजारों की आबादी आज भी स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, पार्किंग और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं के लिए तरस रही है। उपतहसील होने के कारण क्षेत्र की 10 पंचायतों से ग्रामीण रोजाना यहां अपने कार्यों को लेकर पहुंचते हैं।
निरमंड खंड की नित्थर उपतहसील में वर्ष दर वर्ष आबादी में लगातार इजाफा होता जा रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कोई सुधार नहीं हो रहा है। नित्थर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की दस पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रहा है, यहां रोजाना 80-100 ओपीडी रहती है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी इसे सीएचसी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। वहीं, स्वच्छ भारत अभियान की क्षेत्र में धज्जियां उड़ती देखी जा सकती हैं। जगह-जगह कूड़े कचरे के ढेर लगे हैं। कचरा उठाने के लिए क्षेत्र में कोई उचित व्यवस्था नहीं है। 10 पंचायतों के केंद्र में एक सार्वजनिक शौचालय तक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। महिलाओं और किशोरियों को शौचालय न होने से सबसे अधिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। क्षेत्र में उपतहसील कार्यालय, वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, पुलिस चौकी और अन्य विभागों के कार्यालय हैं, जहां रोजाना लोगों का आना जाना रहता है। रोजाना सैकड़ों वाहन का भी आना होता है, लेकिन क्षेत्र में पार्किंग नाम की कोई सुविधा नहीं है। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों से रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है और आम जनता को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं क्षेत्र में वर्षों से पेयजल की भी समस्या है, लोगों को तीन से चार दिन बाद पेयजल की आपूर्ति हो रही है। यही हाल विद्युत आपूर्ति का भी है। क्षेत्र के लोग अघोषित बिजली कटों से भी परेशान हैं।
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क्या कहना है लोगों का
ग्रामीण प्रवीण कुमार का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। रोजाना दो से तीन घंटे बिजली कट लगना आम हो गया है। उन्होंने बोर्ड से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
बीडीसी सदस्य डॉ. इंद्र पाल का कहना है कि क्षेत्र में सैकड़ों वाहनों का रोजाना आना-जाना रहता है, लेकिन पार्किंग की कोई उचित सुविधा नहीं है। उन्होंने प्रशासन और पंचायत से क्षेत्र में एक पार्किंग का निर्माण करने की मांग की है।

प्रदीप का कहना है कि पीएचसी नित्थर में सैकड़ों मरीज रोजाना उपचार को पहुंचते हैं। मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए यहां के अस्पताल को सीएचसी का दर्जा मिलना चाहिए।

सिकंदर ठाकुर कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से पेयजल किल्लत की समस्या से जूझ रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार और आईपीएच विभाग से पेयजल समस्या दूर करने की मांग की है।

मनीषा का कहना है कि नित्थर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बावजूद सफाई व्यवस्था नहीं सुधर पा रही। उन्होंने सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
पवन कुमार का कहना है कि क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण आम जनता परेशान है। खुले में शौच जाने से गंदगी का आलम है। क्षेत्र के लोगों को बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
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क्या कहना है पंचायत प्रधान का
प्रधान देहरा पंचायत सरोज बाला ने कहा कि पंचायत ने कचरा फेंकने के लिए कूड़ादान स्थापित किया है, लेकिन लोग कचरा जगह-जगह फेंक देते हैं। इन लोगों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शौचालय निर्माण के लिए जगह का चयन किया गया है। बजट का प्रावधान होते ही शौचालय का निर्माण किया जाएगा। क्षेत्र की समस्याओं को लेकर समय-समय पर विभाग के अधिकारियों से मसले उठाए जाते हैं।
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