कूट परियोजना में श्रम कानून दरकिनार
सीटू ने पुलिस प्रशासन पर कंपनी का साथ देने का लगाया आरोप
कहा-कामगारों के साथ न्याय नहीं हुआ तो छेड़ेंगे उग्र आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र कूट में परियोजना प्रबंधन पर कामगारों ने श्रम कानूनों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है। सीटू ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन भी कंपनी का साथ दे रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और है। सभी प्रकार के श्रम कानून प्रोजेक्ट के अंदर लागू नहीं हो रहे हैं। उक्त परियोजना के कामगारों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा कर कंपनी उन्हें धमका रही है।
बुधवार को सीटू जिला कमेटी अध्यक्ष बिहारी सेवगी और क्षेत्रीय कमेटी अध्यक्ष रामदास के नेतृत्व में कूट प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों ने डीएसपी रामपुर से झूठे मुकदमे में गिरफ्तार किए गए कामगारों के बारे में चर्चा की। सीटू ने डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि झाकड़ी पुलिस थाने के एसएचओ की कार्यप्रणाली संदेहास्पद है। थाना प्रभारी झाकड़ी ने कंपनी का पक्ष तो सुना, लेकिन कामगारों के पक्ष को नहीं सुना, जिससे साफ जाहिर है कि एसएचओ कंपनी के एजेंट के रूप में कार्य कर रहा है।
उन्होंन आरोप लगाया कि अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर जब कामगार कंपनी के प्रबंधक के पास जाते हैं। तो मिलने से पहले कंपनी के कर्मचारी कामगारों के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई करते हैं। कामगारों पर फिर झूठी एफआईआर दर्ज की जाती है और उन पर झूठा चोरी का आरोप लगाया जाता है।
सीटू ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि झाकड़ी थाने के एसएचओ को हटाकर ईमानदार एसएचओ को झाकड़ी थाने के लिए भेजा जाए और मजदूरों के ऊपर बनाए गए झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए और कूट प्रोजेक्ट में श्रम कानूनों को लागू किया जाए। वहीं उन्होंने चेताया है कि यदि मजदूरों के साथ न्याय नहीं होगा तो आने वाले समय में सीटू उग्र आंदोलन करेगी। वहीं सीटू के कार्यकर्ताओं ने झाकड़ी थाना के बाहर नारेबाजी करके झूठे केस को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर नीलदत्त, कुलदीप, उत्तमी देवी, श्याम देवी, राधा देवी, लक्ष्मी, प्रतिभदा, विक्रम और उदय सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।