नेरवा (रोहड़ू)। पूर्व धूमल सरकार के समय नेरवा में खुला परिवहन निगम का डिपो आज भी अपना अस्तित्व प्राप्त नहीं कर पाया है। नेरवा डिपो अभी भी तारादेवी डिपो के अधीन ही चल रहा है। नेरवा डिपो के पास अपना स्वतंत्र कार्यभार न होने से स्थानीय सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परेशान सवारियां जब नेरवा डिपो में फोन करती है तो अक्सर जवाब मिलता है कि अमुक स्टेशन को जाने वाली बस तारादेवी डिपो की है और वहां फोन करो।
सरांह, लाणी बमटा व भूट को चलने वाली बसें कभी भी समय पर नहीं पहुंचती हैं। जिस वजह से इन क्षेत्रों को जाने वाली सवारियों को ठंड में कई घंटे बस के इंतजार में ठिठुरना पड़ रहा है। गौरतलब है कि नेरवा में निगम का डिपो खोलने की अधिसूचना पूर्व धूमल सरकार के समय हो चुकी थी। कांग्रेस सरकार के समय में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस डिपो का उद्घाटन किया था। लेकिन यह डिपो आज भी तारा देवी डिपो के अधीन ही चल रहा है। डिपो के पास अपना स्वतंत्र कार्यभार न होने की वजह से नेरवा क्षेत्र में बसें कभी समय पर नहीं चलती हैं। चौपाल के युवा समाजसेवी विशाल चौहान ने सरकार से मांग की है कि परिवहन निगम के नेरवा डिपो को स्वतंत्र कार्यभार सौंपा जाए, ताकि क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।
नेरवा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग का कहना है कि शिमला से चलने वाली बसों का मामला उनके अधीन नहीं आता। यह तारादेवी डिपो का विषय है। नेरवा में चलने वाली बसें तारादेवी डिपो से आती हैं। इससे कई बार देरी भी होती है।