फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: केवीके रोहड़ू में 25 किसानों को सिखाए उद्यमिता के गुर

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में कृषि व्यवसाय, वित्तीय प्रबंधन और बाजार संपर्क की दी जानकारी
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

रोहड़ू। कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) रोहड़ू में तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम संपन्न हो गया। आठ से 10 अक्तूबर तक चले कार्यक्रम में 25 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण लिया। भारत सरकार की रैंप योजना के तहत उद्योग विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का क्रियान्वयन निटकोन ने किया। इसमें एग्रीवाच लिमिटेड और बेस्काफ फाउंडेशन ने भी सहभागिता की।
प्रशिक्षण में हाटकोटी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, हाउटी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों के अलावा रोहड़ू, जुब्बल, नेरवा और कुपवी के प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में हाटकोटी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के चेयरमैन सुभाष चौहान, निदेशक उर्मिला बरागटा और राजपाल सिंह, निटकोन के नितीश शर्मा और पुनीत कुमार, मोहन राटा, एग्रीवाच लिमिटेड के विनय राणा और बेस्काफ फाउंडेशन के रोहित सुनवान उपस्थित रहे। केवीके की ओर से डॉ. सुधीर वर्मा और उषा शर्मा ने प्रशिक्षण सत्रों में योगदान दिया।
विज्ञापन

मूल्य संवर्धन और विपणन पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि एवं बागवानी आधारित व्यवसायों की संभावनाओं, बाजार की मांग का आकलन, व्यवसाय योजना तैयार करने और उद्यम स्थापित करने की जानकारी दी गई। प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, बाग प्रबंधन, उत्पादों की गुणवत्ता, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन से जुड़े विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन, बहीखाता, नकदी प्रवाह, लागत निर्धारण, लाभप्रदता, बैंक ऋण और कार्यशील पूंजी के प्रबंधन की जानकारी दी गई। इसके अलावा फर्टिगेशन, कम लागत वाली सिंचाई तकनीकों, मृदा परीक्षण और मिट्टी के नमूने लेने की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
विज्ञापन

विशेषज्ञों ने कहा कि कृषि और बागवानी में बेहतर आय के लिए उत्पादन के साथ मूल्य संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और बाजार से सीधा जुड़ाव जरूरी है। किसान उत्पादक कंपनियां सामूहिक खरीद, उत्पादों के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें