अष्टमी पर भीमाकाली मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
पश्चिम बंगाल से आए श्रद्धालुओं की संख्या रही सबसे ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। शारदीय नवरात्र की अष्टमी को सराहन भीमाकाली मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। बुधवार को सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। अष्टमी पूजन पर पश्चिम बंगाल से आए श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रही। मुख्य सड़क बंद होने के बावजूद भी श्रद्धालु दिक्कतों को झेलते हुए कच्ची सड़क से और पैदल चलकर माता के दर्शन के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने छोटे बच्चों के मुंडन संस्कार करवाए।
कई वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष सड़क बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी आई है। मुख्य सड़क बंद होने और वैकल्पिक सड़क की खस्ता हालत के कारण श्रद्धालु अधिक संख्या में नहीं पहुंच पाए। मंगलवार को माता का जगराता और बुधवार को भंडारे का आयोजन किया गया, जिस में हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर का स्वाद चखा। भीमाकाली मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर और सोहन लाल ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या इस वर्ष काफी कम रही।
भीमाकाली मंदिर सराहन में भंडारे की शुरुआत करने वाले खन्ना ब्रदर्ज ने इस बार 34वां भंडारा दिया। पूर्व में सराहन के व्यवसायी और अब चंडीगढ़ के उद्योगपति ज्ञान चंद खन्ना ने सराहन भीमाकाली मंदिर में 34 वर्ष पहले भंडारे का आयोजन करना शुरू किया था। अब वो हर वर्ष शरद नवरात्रों पर भंडारा देते आ रहे हैं। इस बार भी उन्होंने पूरे परिवार सहित सराहन पहुंच कर भंडारा और माता का जगराता करवाया।