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शवाड स्कूल में शिक्षकों के आधा दर्जन पद रिक्त, छात्र परेशान

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फाइल फोटो
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दलाश (कुल्लू)।
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प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के लाख दावे करे लेकिन बावजूद इसके ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों के अभाव के चलते विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। शिक्षकों के पदों को भरने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग कोई पहल नहीं कर पा रहा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों छात्र-छात्राएं स्कूल जाकर अपने समय की बर्बादी के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे।
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आनी उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शवाड़ में लंबे समय से शिक्षकों के करीब आधा दर्जन पद खाली पड़े हैं। शिक्षक न होने के कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। स्कूल में वर्तमान समय में बीएससी मेडिकल, बीएससी नॉन मेडिकल, पीईटी, डीपी, प्रवक्ता भौतिक विज्ञान, एलटी का पद खाली होने के कारण विद्यार्थी परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। महत्वपूर्ण विषय गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, हिंदी और समाज के विषयों की पढ़ाई न होने के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। सरकार अभी तक एलटी का पद स्वीकृत करना ही भूल गई है। स्कूल में अध्यापक न होने के कारण अभी तक 10 से 15 विद्यार्थी इस स्कूल से दूसरे स्कूलों का रुख कर चुके हैं। वर्तमान समय में स्कूल में 260 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों की शिक्षा और भविष्य दांव पर लगा है और अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। अभिभावक गीता नंद, गोवर्धन, रूप लाल, मेध राम, लता देवी, आलम चंद, किरण शर्मा सहित अन्य ने कहा कि यदि सरकार और शिक्षा विभाग समय रहते रिक्त पदों को नहीं भरते हैं तो अभिभावकों को मजबूरन अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजने को विवश होना पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द स्कूल में खाली पड़े शिक्षकों के पद भरने की मांग की है। प्रधानाचार्य दिग्विजय अरोड़ा ने बताया कि स्कूल में रिक्त पदों को लेकर स्कूल और क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर भी मुद्दा उठाया है। विभाग अधिकारियों को भी रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सूचित किया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द स्कूल में शिक्षकों की तैनाती होगी।
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