कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कुमारसैन में सेब की फ्लावरिंग का मौसम आते ही सेब उत्पादकों को ओलावृष्टि का भय सताने लगा है। ओलों से बागवानों की करोड़ों की फसल पल भर में नष्ट होने से बागवान परेशान हैं। हाल ही में मौसम ने करवट बदली और ओलावृष्टि से सेब की फ्लावरिंग में भारी नुकसान हुआ है। बागवानों ने फिर से मांग की है कि ओलों से बचने के लिए एंटीहेेलगन की व्यवस्था किया जाए। लंबे समय से बागवान एंटीहेलगन स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। सरकार से मात्र आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। हर वर्ष ओलों से क्षेत्र में बागवानों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ता है। क्षेत्र का पंचायत प्रतिनिधिमंडल भी एंटीहेलगन समस्या को लेकर समय-समय पर कांग्रेस हो या भाजपा सरकार इसको लेकर मिलता रहता है। इसे स्थापित करने का आश्वासन तो मिलता है लेकिन अभी तक इसे स्थापित नहीं किया गया है। ब्राह्मण सभा अध्यक्ष पंडित शशिपाल डोगरा, जिला परिषद सदस्य रीना ठाकुर, पंचायत समिति अध्यक्ष मीरा शर्मा, प्रधान थानाधार अमर सिंह नलवा, बीडीसी दलीप, जरेट प्रधान भुट्टी विनोद रोच, प्रधान शमाथला मीना जरेट, प्रधान मैलन नेहा धर्मा, प्रधान सिंहल हरिश भरोटा, प्रधान जार आरति निर्मोही, प्रधान कोटगढ़ कैलाश, प्रधान मधावनी रोशन लाल, प्रधान किर्टी सुनीता गुप्ता ने बताया कि एंटीहेलनेट पर सरकार द्वारा कुछ हद तक अनुदान जरूर दिया जा रहा है, लेकिन एंटीहेलनेट पर अनुदान प्राप्त करने के लिए कई अरसों का समय लग रहा है। सही मायने में देखा जाए तो एंटीहेलनेट खरीदना आम बागवानों की पहुंच से बाहर है। उन्होंने सरकार से जल्द एंटीहेलनेट लगाने की मांग की है।