ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ग्रामीणों ने देलठ पंचायत प्रधान और सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। देलठ गांव में हुए विकास कार्यों पर सवाल उठाए और उपायुक्त शिमला, एसडीएम रामपुर और बीडीओ ननखड़ी से मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग उठाई है। सामुदायिक भवन को बनाए काफी समय हो गया है। बीते एक वर्ष से पंचायत सचिव ने इस भवन पर कब्जा किया है।
देलठ गांव के रमेश भारद्वाज, बृज लाल राठौर, दासू राम, कृष्ण चंद, योग राज, मस्त राम, इंद्र ठाकुर, रामलाल, रोशन लाल, दिवान गुप्ता, प्यारे लाल, मूरत सिंह, परस राम भारद्वाज, जोबनी देवी, कोदरी देवी, मंगलू राम, बृज लाल, सतपाल, देस राज, समित्रा देवी ने आरोप लगाया कि देलठ गांव में सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए एक लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके लिए ग्रामीणों ने स्थान भी चयनित किया गया था। लेकिन पंचायत ने शौचालय का कार्य शुरू किए बगैर ही 68 हजार रुपये की राशि निकाल ली। दूसरी ओर यहां 75 हजार रुपये से निकासी नाली का निर्माण किया जाना था। इसमें भी निर्माण सामग्री की खरीद के नाम पर पहले ही 30 हजार की राशि निकाल दी और अब आनन फानन में नाली का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों के विरोध करने के बाद खंड विकास कार्यालय से कुछ अधिकारी मौका देखने आए तो उन्होंने इसका समाधान करने के लिए टैंक निर्माण और इसके लिए दो लाख रुपये का प्रावधान करने की बात कही। अब जब टैंक का काम शुरू हुआ तो उसमें भी अनियमितताएं हैं। टैंक निर्माण में प्रयोग निर्माण सामग्री पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा में जो शेल्फ पारित की जाती है, उसे पंचायत और सचिव की ओर से निरस्त कर मनमाने ढंग से बदल दिया जाता है।
आरोप बेबुनियाद : प्रधान
पंचायत प्रधान रक्षा देवी ने कहा कि उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच करवाई जाए।
विकास कार्यों का लेंगे जायजा : कामेश
बीडीओ ननखड़ी कामेश चौहान ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है। वे स्वयं मौके पर जाकर विकास कार्यों को जायजा लेंगे। कार्यों में हुई अनियमितताओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।