2021 तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
क्षयरोग कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों को किया जागरूक
घरद्वार जाकर लोगों को दें बीमारी की जानकारी: बीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के तहत पंचायती राज संस्थाओं में टीबी मुक्त हिमाचल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत बुधवार रामपुर के पंचायत समिति सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता विकास खंड अधिकारी रामपुर केआर कपूर ने की। कार्यशाला में बीएमओ रामपुर आरके नेगी ने जनप्रतिनिधियों को टीबी रोग के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया करवाई।
कार्यशाला में रामपुर उपमंडल की विभिन्न पंचायतों से आए प्रधान, उपप्रधान और सचिवों को टीबी मुक्त हिमाचल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बीएमओ आरके नेगी ने कहा कि टीबी रोग एक गंभीर विषय है, जिसको लेकर प्रत्येक प्रतिनिधि को अपनी-अपनी पंचायतों में घरद्वार जाकर इसके प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। पंचायत प्रतिनिधि अपनी पंचायतों की ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कर अपनी पंचायत को टीबी मुक्त करें। यह अभियान समूचे भारत में चल रहा है और वर्ष 2021 तक हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक हरदेव नेगी के अनुसार 24 मार्च को क्षयरोग दिवस मनाने के लिए पंचायतों में त्रैमासिक बैठक सुनिश्चित करें। जिस व्यक्ति को 2 हफ्तों से अधिक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, भूख न लगना और वजन घटता हो तो यह टीबी की संभावनाएं हो सकती हैं। ऐसे व्यक्ति अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर आधुनिक जांच एवं इलाज की निशुल्क सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। अधूरे उपचार से भी ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी हो सकती है। उन्होंने प्रतिनिधियों को इस बीमारी से बचने और सावधानियां के बारे में भी जागरूक किया। इस मौके पर रंजू वर्मा, प्रभा कायथ, महेंद्र, गोकुल राम, लाच चंद, नारायण दास, रीता देवी, अरुण चौहान, विके भलूनी, बलबीर चौहान, वीना, मोहर सिंह, रविंद्र, पिंकू कुमारी, आशा देवी, विजय लक्ष्मी, देवेंद्र सिंह, भगत सिंह, मदन लाल, वेद राज, परस राम और सुनील चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।