अमर उजाला ब्यूरो
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारसैन में स्टाफ की कमी लोगों पर भारी पड़ रही है। लोगों को बेहतर उपचार नहीं मिलने से दूर-दूर अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारसैन इन दिनों एक डॉक्टर के सहारे ही चल रहा है। आलम यह है कि बीएमओ सहित करीब दो दर्जन पद खाली हैं। क्षेत्र के लोगों को शिमला और रामपुर अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है।
ब्राह्मण सभा अध्यक्ष पंडित शशिपाल डोगरा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारसैन एक डॉक्टर के सहारे चल रहा है। आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए महज एक डॉक्टर है। बताते चलें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ का एक, मेडिकल अफसर के पांच, मेडिकल अफसर डेंटल का एक, चीफ फार्मासिस्ट का एक, फार्मासिस्ट के तीन, मेल हेल्थ सुपरवाइजर का एक, वार्ड सिस्टर एक, स्टाफ नर्स दो, सीनियर लैब तकनीशियन तीन, जूनियर असिस्टेंट क्लर्क का एक, कुक का एक, स्वीपर के चार, ओटीए का एक पद खाली चल रहा है। यही हाल पूरे कुमारसैन उपमंडल के अस्पतालों का है। ऐसे में कुमारसैन क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारसैन आने वाले मरीजों को उपचार की उचित सुविधा नहीं मिल रही है। बीएमओ का कार्यभार संभाल रहे अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया। उधर, प्रधान परिषद नारकंडा अध्यक्ष अमर सिंह नलवा, पंचायत समिति अध्यक्ष मीरा शर्मा, जरोल जिला परिषद वार्ड सदस्य रीना ठाकुर, जार पंचायत प्रधान आरती निर्मोही, बीडीसी अनिल कुमार, प्रधान मलैंडी विक्की, शिव कुमार भारद्वाज, मनोज भारद्वाज, पूर्ण भारद्वाज, केके डोगरा, हेमंत आदि ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुमारसैन में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए।