अमर उजाला ब्यूरो
कोटखाई।
तहसील कोटखाई के तहत महासू पंचायत में सैकड़ों बीघा डिमार्केटेड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट (डीपीएफ) भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया है। वन विभाग और हाईकोर्ट को प्रस्ताव की प्रति भेजकर पंचायत ने कार्रवाई की मांग उठाई है। पंचायत के अनुसार घने जंगल के बीचोंबीच सेब के बगीचे बनाए गए हैं। वन विभाग की अनुमति के बिना सड़क भी बनाई गई है।
महासू पंचायत की ओर से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि हलाईला जंगल, कढ़ीन जंगल, काहरा और श्वाला जंगल में प्रभावशाली व्यक्तियों ने हरे पेड़ों को काट कर डीपीएफ भूमि में बगीचे लगा दिए हैं। इन बगीचों से हर साल लाखों के सेब बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घने जंगल को काट कर इसमें अवैध तरीके से सेब के बगीचे के लिए सड़क भी बनाई गई है। डीपीएफ भूमि में प्रभावशाली लोगों के मजदूरों के डेरे बने हुए है। ऊंची पहुंच के कारण इन लोगों पर कोई कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने प्रदेश उच्च न्यायालय से मामले की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस जंगल में गुड़िया के साथ दुराचार के बाद हत्या हुई, उस जंगल में लंबे समय से अवैध वन कटान भी चल रहा है।
बैठक में प्रस्ताव पारित : सरोज
महासू पंचायत की प्रधान सरोज कंवर ने बैठक में प्रस्ताव पास होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि लोगों के आग्रह पर इसकी प्रति कार्रवाई के लिए वन विभाग व प्रदेश उच्च न्यायालय को भेजी गई है।
निशानदेही के बाद होगी कार्रवाई : घनश्याम
वन परिक्षेत्र अधिकारी कोटखाई घनश्याम ने पंचायत की ओर से पास प्रस्ताव मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से मौके की निशानदेही के बाद कार्रवाई की जाएगी।