सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के आदर्श गांव ब्रुआ के ग्रामीणों की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने के लिए 1300 मेगावाट हिमाचल बास्पा विद्युत परियोजना की ओर से एक अनूठी पहल की गई है। गांव के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद कंपनी प्रबंधन बागवानी विभाग की मदद से करीब आठ बीघा भूमि पर सेब के पौधे लगा रहा है। इन पौधों से होने वाली आमदन का लाभ परियोजना प्रभावित गांव के लोगों को दिया जाएगा। ब्रुआ के ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन की इस पहल का स्वागत किया है।
परियोजना प्रभावित ब्रुआ गांव में खाली पड़ी आठ बीघा भूमि पर सेब के करीब 500 पौधे लगाए जाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके तहत नकदी फसल सेब की अरली वैरायटी के उत्तम किस्म के पौधे कंपनी की ओर से बागवानी विभाग के सौजन्य से लगाए जाएंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत ब्रुआ की ओर से आठ बीघा जमीन उपलब्ध करवाई गई है, जिस पर हिमाचल बास्पा पावर कंपनी लिमिटेड छौलतू और बागवानी विभाग किन्नौर के संयुक्त तत्वाधान में सेब के 500 पौधे लगाने की मुहिम छेड़ी जा रही है। ब्रुआ पंचायत के चुनंग में इन दिनों काम जोरों पर चला हुआ है।
ग्रामीणों की आर्थिकी होगी मजबूत
पंचायत प्रधान ब्रुआ भूपेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि ग्रामीणों की आठ बीघा भूमि पर कंपनी प्रबंधन और बागवानी विभाग सेब के पौधे लगाने का कार्य कर रहे हैं। ग्रामीण धीरज नेगी, राजमन नेगी, धनराज नेगी, पंकज नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना की ओर से एक अच्छा कदम उठाया गया है। सेब की आमदन शुरू होने से ग्रामीणों की आर्थिकी काफी मजबूत होगी।
नुकसान की भरपाई की कोशिश : संजय
हिमाचल बास्पा पावर कंपनी लिमिटेड के सीएसआर प्रमुख संजय लौ ने कहा कि परियोजना प्रबंधन प्रभावित पंचायत के लोगों को सामूहिक रूप से लाभ पहुंचाने और उनकी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए वचनबद्ध है। परियोजना की कोशिश प्रभावित लोगों के नुकसान की भरपाई करना है। इसके लिए खाली जगह पर सेब के पौधे लगाकर पहल की जा रही है।