रोहडू। वीरवार को भलूण कैंची के समीप कायल का घना जंगल 31 लोगों को जीवन दान दे गया। सड़क से लुढ़कने के बाद बस एक के बाद एक पेड़ को तोड़ती हुई करीब सौ मीटर गहरे नाले में जा गिरी। बस से करीब एक दर्जन छोटे पेड़ टूट, उखड़ कर क्षतिग्रस्त हुए। यदि जंगल नहीं होता तो बस में लोगों को बचना संभव नहीं होता।
रामपुर से रोहडू के लिए चलने वाली इस बस में सुबह लोग अस्पताल जांच के लिए तो कोई सरकारी काम से रोहडू की ओर चले थे। कुछ रिश्तेदारी में चले थे। भलूण कैंची से आगे तीखे मोड़ पर चालक ने बस की स्पीड को नियंत्रण करने की कोशिश की तो बस बाहर की ओर स्किड होकर पलट गई। बस में सवार घायल कहते हैं कि उसके बाद बस में चीखने की आवाजें आ रही थी। पेड़ो की टहनियां गिरती नजर आ रही थी। जब बस रुकी को सन्नाटा छा गया फिर लोगों के कराहने की आवाज सुनाई दी। हादसे में कम घायल कुछ लोग स्वयं सड़क तक पहले पहुंच चुके थे। अधिकांश लोग जंगल में ही बस से बाहर छिंटक कर इधर-उधर पडे़ थेे। सात महीने की गर्भवती महिला सीता अपनी छोटी बच्ची और पति के साथ इस बस में सफर कर रही थी। हादसे के बाद काफी देर तक बेसुध रही। समरकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले उसको प्राथमिक उपचार दिया गया। होश में आने के बाद रोहडू अस्पताल से आईजीएमसी शिमला रेफर गया गया। रोहडू अस्पताल में मरीज को उपचार दिया गया।
बस दुर्घटना में घायलों के नाम
बस दुर्घटना में दो बाहरी राज्यों के मजदूरों के अलावा रोहडू, चिड़गांव व रामपुर तहसील के रहने वाले थे। घायलों में पिंकी, अरवन, प्रदीप गांव नरैण तहसील रामपुर, दिनेश कुमार गांव कुई रोहडू, प्रियंका गांव बनोटी चिड़गांव, रविंद्र कुमार गांव कडाला रोहडू, मोती लाल गांव दलोग रामपुर, शजू गांव करतोट रोहडू, पूनम भलूण कैंची रोहडू, रचना भलूण कैंची रोहडू, राकेश कुमार भलूण कैंची रोहडू, सलोचना गांव टोडसा चिड़गांव, अर्जुन गांव कोयला चिड़गांव, शंकर नेपाली मजदूर, सुनीता गांव जरासी रामपुर, पवन गांव जरासी रामपुर, रविंद्र सिह भलूण, ओम प्रकाश मोतिहारी बिहार, विक्रम नरैण रामपुर, दिनेश जरासी रामपुर, लाल सिंह दत्त नगर रामपुर, विजय सिंह गांवणा रोहडू, अश्विनी कुमार रामपुर, चालक प्रदीप नेगी खनेरी रामपुर, वीपी सिंह खनेरी रामपुर, पल्लवी खनेरी रामपुर, सीता देवी गांव खनेरी रामपुर, मोहिंद्र सिंह गांव शरमाली रोहडू, मोनिका गांव मसली चिड़गांव, सुनील गांव खनेरी रामपुर शामिल हैं।