किन्नौर में तीसरे दिन भी बर्फबारी का क्रम जारी
जिले में -4 डिग्री तक लुढ़का पारा, शीतलहर से लोग परेशान
बर्फबारी से आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण रूट हुए प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में शीतलहर का प्रकोप जारी है। सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम में हुई तबदीली के चलते अब तक जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में 15 से 23 सेंटीमीटर ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। जिले में बुधवार को भी मौसम खराब बना रहा और ऊंची चोटियों में रूक-रूक कर बर्फबारी होती रही।
बुधवार को किन्नौर जिले के छितकुल, रक्षम, बटसेरी, सांगला, भावावैली, हांगो, लिप्पा, आसरंग, नैसंग, कानम, लाबरंग, रौपा, ठंगी, कुन्नोचारंग, सुमरा, शलखर सहित अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में बुधवार को बर्फबारी होती रही। वहीं जिला मुख्यालय रिकांगपिओ, पोवारी, कड़छम, चोलिंग, टापरी, भावानगर, तरांडा, निगुलसरी और चौरा में खराब मौसम के का कारण बारिश की फुहारों से समूचे जिले में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। बुधवार को किन्नौर जिले के कल्पा का न्यूनतम तापमान -2.5 दर्ज किया गया। वहीं प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का न्यूनतम तापमान -4 तक पहुंच गया है। जिले में ठंड ज्यादा होने के कारण बुधवार को लोग दिनभर घरों की चार दिवारी में दुबके रहे, वहीं सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों सहित स्कूलों में हीटर और कैरो हीटर जलते रहे। बुधवार को पूरा दिन जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से काजा और शिमला की ओर वाहनों की बराबर आवाजाही रही, वहीं जिले के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण रूटों पर बर्फबारी और फिसलन के कारण निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो सकी। जिले के करीब 11 रूटों पर आधे रास्ते तक ही निगम की बसों को भेजा गया। वहीं इस संबंध में पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी रिकांगपिओ किन्नौर गोपाल नेगी के अनुसार बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसों को आधे रूटों पर ही भेजा जा सका।