अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। परियोजना सलाहकार समिति की द्वितीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक में जनजातीय उपयोजना की वर्ष 2018-19 के तहत चल रही योजनाओं पर विभागवार वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि जिला किन्नौर में समिति कार्य दिवस को देखते हुए लक्ष्य को सर्दियों से पहले पूर्ण करें। बैठक मंगलवार को रिकांगपिओ उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर एवं अध्यक्ष परियोजना सलाहकार समिति जिला किन्नौर गोपाल चंद ने की।
बैठक में अध्यक्ष ने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में जनजातीय परियोजना समिति को विकास के लिए 56 करोड़, 24 लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ है, जिसमें जनजातीय उपयोजना के तहत 46 करोड़, 32 लाख और सीमा क्षेत्र विकास परियोजना के तहत 9 करोड़, 92 लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ है। जनजातीय उपयोजना वित्तीय वर्ष 2018-19 में कृषि, बागवानी एवं संबद्व सेवाओं के लिए लगभग 2 करोड़, 75 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए लगभग 9 करोड़, 98 लाख रुपये, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए लगभग 3 करोड़, 76 लाख रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है। शिक्षा पर लगभग 6 करोड़, 45 लाख रुपये खर्च किया जाना है।
बैठक में परियोजना सलाहकार समिति उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी, परियोजना सलाहकार समिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष वन निगम सूरत नेगी, जिला परिषद अध्यक्ष टाशी यंगजेन और परियोजना सलाहकार समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।