भालू के आतंक से ग्रामीण दहशत में
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत किन्नू में मंगलवार को व्यक्ति पर हुए भालू के हमले के बाद ग्रामीण सहमे हुए हैं। लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि पहले भी भालू के हमले से गांव के कई लोग घायल हो चुके हैं, बावजूद इसके अभी तक वन विभाग ने गांव में पिंजरा नहीं लगाया है।
मंगलवार शाम को एक भालू ने घास काट रहे एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया था। घायल को गंभीर हालत में सराहन अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद रामपुर के खनेरी अस्पताल लाया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा है। इससे पहले भी क्षेत्र में भालू के हमले से कई लोग जख्मी हो चुके हैं। बीते तीन वर्षों में किन्नू पंचायत के नाच गांव के शेर सिंह, किन्नू गांव की लीला देवी, बघावट गांव के शेर सिंह, बाड़ी गांव के रमेश, खुणी गांव के शेर सिंह और किन्नू गांव के विद्या सिंह को भालू के हमले का शिकार बन चुके हैं। इनमें से दो लोगों को तो अपनी एक-एक आंख भी गंवानी पड़ी है।
पंचायत प्रधान यशपाल चौहान के अनुसार पंचायत में हर साल भालुओं के हमले बढ़ते जा रहे हैं। भालू फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से हमले में घायल हुए हरि सिंह को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में पिंजरा लगाकर भालू को पकड़ने की मांग की है। वहीं डीएफओ रामपुर अशोक नेगी ने बताया कि जल्द ही किन्नू पंचायत में पिंजरा लगाया जाएगा। भालू के हमले में घायल हुए व्यक्ति को फौरी राहत राशि जारी की जाएगी। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से घर से बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतने की अपील की है।