अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू।
छौहारा विकास खंड के तहत तांगणू गांव के 40 लोग बीते दो साल से मजदूरी के भुगतान के लिए वन विभाग कार्यालय के चक्कर काट कर रहे हैं। ग्रामीणों को अभी तक केवल आश्वासन ही मिलते रहे। ग्रामीणों ने कहा कि उनको हजारों रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। विभाग भुगतान नहीं करने का कारण सार्वजनिक करे।
तांगणू गांव के ग्रामीणों ने वर्ष 2016 में वन विभाग के साथ गांव के पास वन भूमि पर बाड़ लगाने के लिए काम किया था। इसमें एक व्यक्ति ने करीब 30 दिन तक काम किया है। काम के बाद अभी तक लोगों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। ग्रामवासी जालम सिंह, नेगी राम, राम कृष्ण, गोपाल, लोकेंद्र, बल बहादुर, पदम सैन, सचिन, अमित, जगदेई, प्यारा देवी, राजकुमारी, विद्धोतमा, कांता देवी, राजकुमारी, बिदुला, निखिल कुमार, दीपना देवी, प्रवीशना ने बताया कि वन विभाग की ओर से काम के बाद उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई बार डीएफओ रोहड़ू, वन खंड अधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय को मजदूरी के भुगतान के लिए लिखा गया है। लोगों को दो सालों से केवल आश्वासन ही मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले फिर डीएफओ रोहड़ू को मामले की जांच व मजदूरी के भुगतान को लेकर ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक विभाग की ओर से इस मामले में कोई पहल नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मजदूरी को भुगतान नहीं हुआ तो अब उनको लेबर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पडे़गा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर उनके हजारों रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया है। उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी मस्त राम चौहान ने कहा लोगों की शिकायत की पहले भी जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से उनकी मजदूरी की राशि उनके गांव के ठेकेदार को उसी दौरान दी गई थी। उन्होंने कहा कि गांव के कुछ लोग झूठ बोल रहे हैं। यदि किसी को मजदूरी नहीं मिली तो वह ठेकेदार से बात कर सकता है।