पांगी (किन्नौर)
रिकांगपिओ से नौ किलोमीटर दूर पांगी गांव में शनिवार देर रात भयानक अग्निकांड से करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लोग मदद के लिए रात भर अग्निशमन विभाग कार्यालय में फोन करते रहे। लेकिन फोन करीब दो दिन से खराब होने के कारण उनकी बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने मजबूरी में रिकांगपिओ में अपने किसी रिश्तेदार को फोन कर अग्निशमन विभाग के कार्यालय में जाकर सूचना देने का कहा। इसके बाद अग्निशमन विभाग को आग की सूचना मिल सकी। इससे अग्निशमन विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
दमकल वाहन के पहुंचने से पहले दो मकान और सेब के 15 पौधे जलकर राख हो गए। आग की सूचना मिलते ही रिकांगपिओ से भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान भी मौके पर पहुंचे और लोगों की सहायता करने में डटे रहे। अग्निकांड से प्रभावित नेत्र सिंह ने बताया कि आग लगते ही उन्होंने अग्निशमन विभाग कार्यालय में फोन किया। लेकिन फोन खराब होने से उन्हें परेशानी हुई। उनका कहना है जिला मुख्यालय में अग्निशमन विभाग कार्यालय का फोन दो दिन से खराब पड़ा है। लेकिन विभाग ने इसे ठीक करवाना उचित नहीं समझा। अगर फोन ठीक होता तो नुकसान कम हो सकता था। रिकांगपिओ मुख्यालय में ही यह हाल है तो अन्य जगह क्या होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पूर्व प्रधान एवं महिला कांग्रेस कल्पा ब्लॉक महासचिव चंद्र ज्ञानी नेगी ने जिला प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाया है।
उपायुक्त से मांगेंगे कार्रवाई : अवनिंद्र
एसडीएम कल्पा डॉ. अवनिंद्र शर्मा ने बताया कि अग्निशमन विभाग का फोन दो दिन से खराब था। उनका कहना है कि मामले को लेकर उपायुक्त किन्नौर से सोमवार को कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
आग लगने के बाद व्यक्ति लापता
प्राप्त जानकारी के अनुसार पड़ोस में जहां से आग लगी वहां कपिल नाम का व्यक्ति रहता था, जो मानसिक रूप से परेशान है। आग लगने के बाद कपिल वहां से लापता है। पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है।