रामपुर बुशहर। कुल्लू के लोक कलाकार इंद्र जीत ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे नशे से दूर रहकर अपने खेत खलिहान और बगीचों की देखरेख करें, जिससे हिमाचल को और खुशहाल बनाया जा सके। हिमाचल की वर्षों पुरानी लुप्त हो रही संस्कृति को बचाएं। इस दिशा में युवा अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। हिमाचल संस्कृति से युवाओं को जोड़ने की जरूरत है। किसी भी देश और प्रदेश की पहचान उसकी संस्कृति से ही होती है।
रामपुर के अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में प्रस्तुति देने आए कुल्लू के लोक कलाकार इंद्र जीत ने सोमवार रात को अमर उजाला से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में हम इतने व्यस्त हो गए हैं कि हम किसी को समय तक नहीं दे पाते। युवाओं से आह्वान किया कि वे परिवार और बुजुर्गों को थोड़ा बहुत समय जरूर दें और उनके पुराने अनुभवों को साझा करें। बुजुर्गों से उनके अनुभवों को बांटने के साथ ही उनसे अपनी संस्कृति के बारे में जरूर जानें। इंद्र कहते हैं कि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति रही है और इसकी अमिट छाप भी है। इंद्र ने कहा कि हिमाचल में वाद्य यंत्र लुप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाद्य यंत्रों के संरक्षण के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गांवों में खाना पकाने के लिए भड्डू और डेगची का इस्तेमाल किया करते थे। आज की युवा पीढ़ी इन सबसे अवगत नहीं है।