चुनावी रैलियों में खूब जुट रही भीड़
जुब्बल-कोटखाई में 20 प्रतिशत मतदाता नहीं तोड़ रहे चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
जुब्बल।
विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई में खामोश मतदाता ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करने वाले हैं। चुनाव प्रचार में दिन-रात एक कर पसीना बहा रहे भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों की रैलियों में लोगों की खूब भीड़ जुट रही है। चुनावी दंगल से दूर गांव में चुप कई मतदाताओं की चुप्पी तोड़ने के लिए अब जोर आजमाइश शुरू हो रही है।
प्रचार के दौरान जुब्बल-कोटखाई में सियासी दलों की चुनावी रैलियों में खासी भीड़ देखने को मिल रही है। प्रत्याशियों के समर्थक भीड़ से जीत का आकलन भी कर रहे हैं। कोटखाई में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की रैली में नरेंद्र बरागटा ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। इससे तीन दिन पहले कोटखाई के खनेटी में कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर की ओर से रैली का आयोजन किया गया। इसमें भी काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस विधानसभा क्षेत्र से तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी लोकिंद्र झौहटा भी चुनाव लड़ रहे है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी एक-दूसरे के गढ़ को भेदने की तैयारी में है। राजनीतिक दलों के समर्थक एक दूसरे की रैलियों में पहुंच रसूखदार लोगों पर भी नजर रख रहे हैं। लेकिन गांव के 20 प्रतिशत से अधिक मतदाता अभी भी चुप है। चुप बैठे मतदाता भी प्रत्याशियों की हार-जीत को तय करने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। फिलहाल मतदान से 24 घंटे पहले तक राजनीतिक दलों के प्रत्याशी व उनके समर्थक हर घर के मतदाता की चुप्पी तोड़ने का पूरा प्रयास कर रहे हैं, जिससे रुझान का अधिक पता चल सके।