सर्दियों रोजाना 7 घंटे का पैदल सफर पड़ेगा भारी
डोडरा क्वार की पंचायतें हिमपात के बाद मुख्य सड़क से कटी
अब आपातस्थिति में ग्रामीणों को झेलनी पड़ती हैं काफी दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू। डोडरा क्वार उपमंडल की सभी पंचायतें चांशल घाटी पर हिमपात के बाद सड़क से कट चुकी हैं। अब कई पंचायतों के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए सात घंटे तक का पैदल सफर करना पड़ेगा। सड़क खुलने तक आपात स्थिति में मरीजों को यहां से बड़े अस्पताल तक पहुंचाना आसान नहीं है।
डोडरा क्वार उपमंडल के लिए बनी सड़क अब हिमपात के बाद कई महीने तक वाहनों के लिए खुलना संभव नहीं है। अभी तक यहां के केवल तीन पंचायतों मुख्यालय तक ही सड़क सुविधा है। जाखा और जिस्कूण पंचायत के लिए अभी तक सड़क नहीं पहुंची है। ऐेेसे मेें सर्दियों में मुख्य सड़क बंद होने के बाद अब लोगों को उत्तराखंड के वाया धौला नैटवाड सड़क तक पहुंचना होता है। पंडार गांव से सड़क तक पहुंचने के लिए हिमपात के बाद करीब सात घंटे लगातार पैदल सफर करना होता है। जिस्कून पंचायत के लोगों को भी सड़क तक पहुंचने के लिए पांच से छह घंटे पैदल सफर करना पड़ता है। जिस्कूण पंचायत के प्रधान राजेश का कहना है कि जाखा जिस्कून, धारा, भावटा, पंडार गांव के लोगों को सर्दियों में आपात स्थिति में सड़क तक मरीजों को पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। क्वार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जरूर है लेकिन वहां पर मूलभूत सुविधाएं और विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। इसलिए चांशल घाटी पर हिमपात होने के बाद सड़क बंद होने पर उपचार के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। क्वार पंचायत के पूर्व प्रधान शंकर ध्यान ने सरकार से आग्रह किया है कि सर्दियों में सड़क बंद होने पर लोगों की सुविधा के लिए सप्ताह में दो दिन क्वार से शिमला के लिए हेलिकाप्टर की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने सरकार से वाया उत्तराखंड सड़क के निर्माण की भी मांग की है।