कोटगढ़ क्षेत्र में नहीं थम
रहा भालुओं का आतंक
ग्रामीणों के साथ पालतू जानवरों को बना रहे शिकार
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। उपतहसील कोटगढ़ की विभिन पंचायतों में इन दिनों जंगली भालुओं के खौफ से स्थानीय लोग दहशत में हैं। बच्चों, महिलाओं और बजुर्गों का घर से बाहर अकेले निकलना मुश्किल हो गया है।
मंगलवार को पंचायत मंगसू के शथला गांव में रात को जंगली भालू ने सतीश कुमार की गौशाला का दरवाजा तोड़कर बंधी हुई गाय पर हमला किया और गाय को अपना शिकार बना कर भाग गया। इससे पहले भी कोटगढ़ क्षेत्र के मैलन, माहोरी, चिमला, थानेदार आदि गांवों में जंगली भालुओं ने कई बार पालतु पशुओं को अपना शिकार बनाया है।
प्रधान परिषद नारकंडा अध्यक्ष और थानाधार पंचायत प्रधान अमर सिंह नलवा ने कहा कि कोटगढ़ की जनता कई वर्षों से जंगली जानवरों के आतंक से भयभीत हैं। पंचायत के माध्यम से वन विभाग से मांग की है कि जंगली जानवरों से लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं और जंगली जानवरों के हमलों में पीड़ित लोगों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।
जिला परिषद सदस्य रीना ठाकुर, प्रधान परिषद नारकंडा के अध्यक्ष अमर सिंह नलवा, बीडीसी दलीप जरेट, प्रधान मंगसू प्रमोद, उप प्रधान रापिंद्र जरेट, कोटगढ़ प्रधान कैलाश, प्रधान मेलन नेहा धर्मा, प्रधान जरोल सुशीला श्याम, प्रधान मधावनी रोशन लाल, प्रधान भुट्टी विनोद रोच, प्रधान किरटी सुनीता और स्थानीय जनता ने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में बढ़ते जंगली जानवरों के आतंक से लोगों को निजात दिलाने की लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं।
इस संबंध में आरओ कोटगढ़ मोहन वर्मा के अनुसार वन विभाग की ओर से समय-समय पर जनता को जागरूक करने के लिए शिविरों का आयोजन किया जाता है और ग्रामीणों को ऐसे समय में एकत्र होकर शोर मचाने और धुंआ फैलाने की हिदायत दी जाती है।