सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के नेसंग झूले के पास बाधित एनएच पांच 35 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हुआ। पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते सीमा सड़क संगठन को एनएच बहाल करने में खासी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। 35 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सीमा सड़क संगठन ने एनएच को बहाल करने में सफलता हासिल की। एनएच बहाल होते ही जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह-काजा की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और हजारों लोगों सहित पर्यटकों ने राहत की सांस ली है।
शुक्रवार दोपहर बाद पहाड़ी दरकने से नेसंग झूले के पास एनएच पांच पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। इसके चलते रिकांगपिओ से पूह-काजा का संपर्क कट गया था। हजारों लोगों सहित पर्यटकों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ीं। बताया जा रहा है कि इन दिनों जिला किन्नौर में पर्यटन सीजन चरम पर पहुंच चुका है। ऐसे में एनएच पांच बार-बार बाधित होने से पर्यटक भी खासे परेशान हो रहे हैं। वहीं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिकांगपिओ अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी सुजान सिंह नेगी ने कहा कि नेसंग झूले के पास बाधित एनएच पांच के बहाल होते ही जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह-काजा की ओर वाहनों की आवाजाही हो रही है।
उधर, सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने कहा कि पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन से बाधित एनएच को बहाल करने में खासी दिक्कतें पेश आईं। सीमा सड़क संगठन ने शनिवार देर शाम को नेसंग झूले के पास बाधित एनएच पांच बहाल कर दिया।