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सैकड़ों देवलुओं ने शिकारी माता के दर्शन एवं यज्ञ समारोह में की शिरकत

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शिकारी धाम से लौटीं बाड़ी दुर्गा माता
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26 वर्ष बाद दैवीय शक्ति की अर्जित
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। आनी की चतुर्भुजा देवी बाड़ी दुर्गा माता अपने सुनहरी रथ और सैकड़ों देवलुओं संग पांच दिन की यात्रा पूरी कर वापस मंदिर पहुंचीं। बाडी दुर्गा देवी माता मंदिर कमेटी के प्रधान रामसिंह ठाकुर ने बताया कि 26 वर्ष बाद हरीपुर आनी की प्रसिद्ध देवी बाड़ी दुर्गा ने प्रदेश की प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवी माता शिकारी का दौरा किया।
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ठाकुर ने कहा कि बाड़ी माता के साथ चखाना, तुमन, गवालपुर, हरीपुर, तलुना, तिहनी, समौली, निगान, थनोग और शउनीबील सहित 20 गांवों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। देवी दुर्गा माता बाड़ी सोने के रथ का शृंगार करके ढोल-नगाढ़ों और छतर के साथ यात्रा पूरी कर अपने मंदिर स्थल लौट आई हैं। कारदार रामलाल, किशन चंद, कपूर चंद और मस्तराम सहित अन्य लोगों ने कहा कि देवी माता बाड़ी दुर्गा के कुल पुरोहितों ने शिकारी माता मंदिर जजेंहली में हवनपाठ किया और देवी माता ने देवीय शक्ति भी अर्जित की। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसे पूरी विधि विधान के साथ पूरा किया गया। पुरोहित ज्ञानानंद शर्मा ने कहा कि देवभूमि में दैवीय शक्ति को अर्जित करने के लिए देवी माता बाड़ी दुर्गा शिकारी धाम से लौट आई हैं।
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