मंदिर के खजाने से अब नहीं होंगे अनावश्यक खर्चे
हाटकोटी मंदिर न्यास की बैठक में बोले मुख्य सचेतक नरेंद्र बराटा
कहा-मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए तीन करोड़ की पहली किश्त मंजूर
बरागटा ने अधिकारियों को दिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश
सीएम ने की थी मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार को 5 करोड़ देने की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू। हाटकोटी मंदिर न्यास के सदस्यों को अब मंदिर के कार्य के लिए बाहर जाने पर कोई भत्ता और खर्च खजाने से नहीं दिया जाएगा। मंदिर में बैठकों को दौरान भी भोजन और अनावश्यक खर्चे मंदिर से नहीं दिए जाएंगे। मंदिर न्यास में मनोनीत गैर सरकारी सदस्य को अपने सारे खर्र्च स्वयं वहन करने होंगे।
यह जानकारी हाटकोटी मंदिर न्यास की बैठक के दौरान मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने दी। शनिवार को मंदिर न्यास की बैठक में क्षेत्र के विधायक एवं सरकार के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम रोहड़ू बीआर शर्मा ने की। इस दौरान न्यास के मनोनीत और नए गैर सरकारी सदस्यों का परिचय करवाया गया।
इस अवसर पर नरेंद्र बरागटा ने बताया कि हाटकोटी मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और विकास के लिए तीन करोड़ की पहली किश्त मंजूर हो गई है। मंदिर न्यास अधिकारियों के सहयोग से परिसर में करोड़ों की लागत से होने वाले कार्य का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। प्लान के आधार पर इस राशि को यहां के विकास पर खर्च किया जाना है। उन्होंने सरकार से मंजूर तीन करोड़ की राशि खर्च करने के लिए अधिकारियों को शीघ्र मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि माता के मंदिर में चल रहे कार्य को तय समय पर पूरा करना और नए कार्य के पूरा करने की अवधि तय करना न्यास के सदस्यों की जिम्मेवारी रहेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जयराम ठाकुर ने हाटकोटी पहुंचने पर मंदिर परिसर के विकास को पांच करोड़ देने की घोषणा की थी। बैठक में पर्यटन विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र जस्टा, तहसीलदार जुब्बल चंद्रमोहन ठाकुर, डीएसपी रोहड़ू अनिल शर्मा, लोनिवि, आईपीएच, वन विभाग के अधिकारी, सरकारी और गैर सरकारी स्थायी सदस्य मौजूद रहे।